Pahalgam Terror Attack: NIA का बड़ा खुलासा!
पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर NIA ने किया बड़ा और चौंकाने वाला सनसनीखेज खुलासा
चंडीगढ़, 2 जून (विश्ववार्ता) : Pahalgam Terror Attackपहलगाम हमले की NIA जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 आम लोगों की जान चली गई थी, की जांच जारी है, बड़े खुलासे हो रहे हैं। इस बीच, पहलगाम हमले में पाकिस्तान के कराची के एक बैंक से लिंक सामने आए हैं। अधिकारियों ने हमलावरों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का पता लगा लिया है। यह फोन 2021 में पाकिस्तान में इंपोर्ट किए गए एक कंसाइनमेंट का हिस्सा था और इसे कराची के एक बैंक ने फंड किया था। आतंकी घटनाओं से जुड़ी पिछली जांच में बैंक के लिंक सामने आए हैं।
NIA सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने हमले की प्लानिंग काफी पहले कर ली थी। उन्होंने हमले से करीब एक हफ्ते पहले बसरान की रेकी की थी। आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए दो चीनी मोबाइल फोन पाकिस्तान के पतों पर भेजे गए थे। सप्लाई चेन रिकॉर्ड से पता चला कि फोन कराची और लाहौर के पतों पर डिलीवर किए गए थे।
जांच करने वालों के मुताबिक, पहलगाम के हमलावरों के पास Xiaomi Redmi सीरीज़ के दो फ़ोन थे: एक ऑरेंज Redmi 9T, जो 2021 में इंपोर्ट किया गया था, और एक ब्लैक Redmi Note 12, जो 2023 में इंपोर्ट किया गया था। NIA चार्जशीट के मुताबिक, ये डिवाइस तीन हमलावरों – फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिबरान और हमज़ा अफ़गानी – से तब मिले जब वे 28 जुलाई, 2025 को जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम जंगल में मुलनार महादेव के पास एक एनकाउंटर में मारे गए थे। NIA makes big revelation about Pahalgam attack
Xiaomi Global से पूछताछ करने पर पता चला कि Redmi 9T, कराची में क्लिफ्टन रोड पर ऑफिस वाली एक पाकिस्तानी कंपनी Tech Sirat Private Limited से इंपोर्ट किए गए एक कंसाइनमेंट का हिस्सा था। NIA चार्जशीट के मुताबिक, Xiaomi की डिटेल्स में कहा गया है कि कंसाइनमेंट 1 जनवरी, 2021 को पाकिस्तान पहुंचाया गया था। जांच रिकॉर्ड से पता चलता है कि कंसाइनमेंट के लिए लिस्टेड लॉजिस्टिक्स कंपनी फैसल बैंक थी। डिलीवरी का पता St/02, फैसल हाउस, मेन ब्रांच, शाहराह-ए-फैसल, कराची, पाकिस्तान लिखा था, जो फैसल बैंक लिमिटेड का ऑफिशियल पता है।
जांच एजेंसियों को अब ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ था। यह साज़िश कई सालों से रची जा रही थी। NIA और जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच से पता चला है कि आतंकवादियों से बरामद मोबाइल फोन में से एक चार साल पहले पाकिस्तान से खरीदा गया था। यह फोन हमले से ठीक पहले तक बंद था और इस्तेमाल नहीं किया गया था, इसका इस्तेमाल सिर्फ हमले से पहले किया गया था।
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