हिमाचल का नवनीत बना तीन परिवारों की उम्मीद
अब दिल्ली के युवक में धडक़ रहा दिल
चंडीगढ, 13 जुलाई (विश्ववार्ता) इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे 23 साल के नवनीत सिंह के अंगदान से तीन घरों में खुशियां लौट आई हैं। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के गांव गंगथ के रहने वाले इंजीनियरिंग के छात्र नवनीत को 3 जुलाई को छत से गिरने के बाद गंभीर चोट लगने पर पीजीआई लाया गया था। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले के गांव गंगथ निवासी 23 वर्षीय नवनीत, एक दुर्घटना में घायल होने के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। लेकिन इस सबसे मुश्किल घड़ी में उसके पिता जनक सिंह ने जो फैसला लिया, उसने न सिर्फ नवनीत की साँसों को ज़िंदा रखा, बल्कि तीन बेहद गंभीर मरीजों को जीवनदान दे दिया।
नवनीत के पिता जनक सिंह ने कहा, “यह हमारे जीवन का सबसे कठिन फैसला था, लेकिन यह जानकर कुछ सुकून है कि हमारे बेटे की साँसों ने तीन और ज़िंदगियों को मौका दिया है।” इस फैसले में मां अंजू, बहन पूजा देवी और दादी सत्य देवी ने भी मौन लेकिन दृढ़ समर्थन दिया।
नवनीत का हृदय रोटो-नॉर्थ और नॉट्टो के समन्वय से दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक 26 वर्षीय मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया। चूंकि पीजीआई में उस वक्त दिल का कोई उपयुक्त मरीज नहीं था, इसलिए यह तय किया गया कि हृदय दिल्ली भेजा जाएगा।
दिल्ली तक दिल को सुरक्षित और समय पर पहुँचाने के लिए चंडीगढ़ से मोहाली एयरपोर्ट तक एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया गया। चंडीगढ़ पुलिस, मोहाली पुलिस, सीआईएसएफ और एयरपोर्ट प्रबंधन के सहयोग से हृदय सुबह 5:45 बजे की इंडिगो फ्लाइट से दिल्ली रवाना किया गया। प्रो. विपिन कौशल (मेडिकल सुपरिटेंडेंट, पीजीआई और रोटो नॉर्थ के नोडल अधिकारी) ने कहा, “हर मिनट कीमती था, और सभी एजेंसियों की साझेदारी से यह जीवनदायिनी मिशन पूरा हो सका।























