दिल्ली विधानसभा चुनावो को लेकर आप पार्टी का बडा ऐलान
दिल्ली में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी आम आदमी पार्टी
चंडीगढ, 7 जून: (विश्ववार्ता) राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया है। आम आदमी पार्टी की ओर से आज ये स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली विधानसभा का चुनाव वह अकेले लड़ेगी। कांग्रेस के साथ सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया गया था।दरअसल, आज आम आदमी पार्टी ने विधायकों की मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग के बाद दिल्ली के संयोजक गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। दिल्ली विधानसभा के चुनाव 2025 की शुरुआत में होनेवाले हैं।
आम आदमी पार्टी ने भाजपा अध्यक्ष के बयान पर निशाना साधा। आप नेताओं का कहना है कि पार्टी जाति या धर्म में निहित किसी भी राजनीति की कड़ी निंदा करती है। हम समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे सभी को लाभ हो। केंद्र सरकार गरीब विरोधी है। लोकसभा चुनाव के परिणाम ने भाजपा की विफलता को उजागर किया है। भाजपा सरकार ने गरीबों की संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया। हम इस देश के लोगों के आभारी हैं कि उन्होंने भाजपा को करारा जवाब दिया। भाजपा अब आरक्षण को खत्म करने के लिए संविधान में संशोधन नहीं कर सकेगी।
वहीं दिल्ली में लोकसभा चुनाव की बात करें तो आप का वोट शेयर 2014 और 2019 के चुनावों की तुलना में काफी बढ़ा है। दिल्ली के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में जहां केंद्र सरकार के कर्मचारी रहते हैं, उन्होंने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में आप के पक्ष में और भाजपा के खिलाफ भारी मतदान किया है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद भाजपा 2015 के विधानसभा चुनावों में सिर्फ तीन सीटों पर सिमट गए और 2020 में 8 सीटों पर सिमट गए। इस बार लोकसभा में आप का वोट शेयर बढ़ा है। ऐसे में इस बार विधानसभा चुनावों में भाजपा का सफाया हो जाएगा।
हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़े। कुल सात सीटों में से जहां चार पर आप तो वहीं तीन सीटों पर कांग्रेस ने चुनाव लड़ा। गठबंधन के उम्मीदवार आप के 44 विधायकों के क्षेत्रों में धराशायी हो गए। आप के चार उम्मीदवारों में से तीन वर्तमान में विधायक हैं, लेकिन इन तीनों में से दो अपने ही विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार से हार गए हैं। दिल्ली की कुल 70 विधानसभा क्षेत्रों में सिर्फ 18 क्षेत्रों पर ही गठबंधन के उम्मीदवारों को भाजपा उम्मीदवार से जीत मिली है।
बेटे की सीट पर हारे महाबल
पश्चिम दिल्ली सीट पर आप के महाबल मिश्रा उम्मीदवार थे। यहां की 10 सीटों पर आप के विधायक हैं। यहां की द्वारका विधानसभा सीट पर महाबल के बेटे विनय मिश्रा विधायक है। इसके बावजूद यहां महाबल 15000 मतों से भाजपा उम्मीदवार से पीछे रहे है। 10 विधानसभा सीटों में से दो सीट पर ही महाबल बढ़त मिली है।
























