West Bengal में SIR के खिलाफ Supreme Court में हुई अहम सुनवाई
Supreme Court ने चुनाव आयोग को जारी किया नोटिस
सिर्फ नाम हटाने के लिए हो रहा SIR का इस्तेमाल-ममता
कहा चार राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, तीन महीने में यह सब करने की क्या जल्दी थी ?
चंडीगढ़, 4 फरवरी,(विश्ववार्ता) इस वक्त की बडी खबर सामने आ रही है कि पश्चिम बंगाल की cm mamata बनर्जी राज्य में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी याचिका की सुनवाई के दौरान खुद सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखी। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल के अपने दो साथी न्यायाधीशों से जानकारी मिली, जिन्होंने पास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया समझाई और इसी समझ के आधार पर इस मुद्दे को शामिल किया गया। cm mamata west bengal sir hearing
मामले में cm mamata बनर्जी का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने बताया कि न्यायालय ने पहले तार्किक विसंगतियों की सूची प्रदर्शित करने का निर्देश दिया था। मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि न्यायालय को सूचित किया गया था कि सूची संचार का एकमात्र माध्यम नहीं है और संबंधित व्यक्तियों को व्यक्तिगत नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘व्हाट्सएप आयोग’ कहा और कहा कि चुनाव आयोग व्हाट्सएप के माध्यम से अनौपचारिक आदेश जारी कर रहा था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस दौरान कहा कि चार राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, 24 साल बाद, तीन महीने में यह सब करने की क्या जल्दी थी ?
इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह ठोस उदाहरण दे रही हैं और प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित तस्वीरें भी दिखा सकती हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का उपयोग केवल नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। cm mamata
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