चंडीगढ, 31 जुलाई, 2026 (विश्ववार्ता) संसद सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह की गैरमौजूदगी को लेकर विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में नारेबाजी करते हुए गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर तीखे सवाल उठाए और सरकार से जवाब की मांग की।
आज सवेरे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर कई केंद्रीय मंत्रियों ने सदन के पटल पर अपने मंत्रालय से संबंधित दस्तावेज रखे। ग्रामीण विकास और पंचायती राज से संबंधित संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने मंत्रालय से संबंधित फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने की व्यवस्था की समीक्षा पर संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित संसदीय स्थायी समिति की 22वीं रिपोर्ट में निहित सिफारिशों के कार्यान्वयन की स्थिति के बारे में बयान दिया। Amit Shahइसके बाद सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने शून्यकाल शुरू किया। कई सदस्यों ने अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाया। हंगामे के जारी रहने पर सदन की कार्यवाही सोमवार, 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई। Parliament Monsoon Session :
लोकसभा में बैठक शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। वे इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहे थे।
बिरला ने सभी विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही में बाधा न डालने की अपील की। उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों द्वारा जानबूझकर की गई बाधा पर चिंता भी व्यक्त की। श्री बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल सदस्यों का है और सरकार से जवाब मांगना उनका सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि सदन में तख्तियां और बैनर लाना संसद की परंपराओं और मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
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