Punjab News: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिख कैदियों की रिहाई और चढ़दी कला के लिए 29 अगस्त को करेगी अरदास
– देश-विदेश की सिख संगतों और धार्मिक संस्थाओं से अपील है कि वे भी अपने लेवल पर अरदास करें
अमृतसर, 24 अगस्त (विश्व वार्ता) – शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी 29 अगस्त को उन सिख कैदियों (सिख कैदियों) की रिहाई के लिए गुरु के चरणों में अरदास करेगी जो अपनी सज़ा पूरी करने के बावजूद लंबे समय से जेलों में बंद हैं और सरकारों से अपनी ज़िम्मेदारी निभाने की अपील करेगी। इस मकसद से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मैनेजमेंट में आने वाले ऐतिहासिक गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ साहिब और एजुकेशनल संस्थाओं में सुखमनी साहिब का पाठ करके अरदास की जाएगी। इस बारे में जानकारी देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सेक्रेटरी स. बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि यह फैसला शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की लीडरशिप में कल हुई अंतरिम कमेटी की मीटिंग में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकमत से लिया है। उन्होंने बताया कि शिरोमणि कमेटी के मैनेजमेंट में आने वाले सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों में 27 अगस्त को श्री अखंड पाठ साहिब शुरू किए जाएंगे, जिसका भोग 29 अगस्त को सुबह 10:00 बजे डाला जाएगा।
इसी तरह, शिरोमणि कमेटी के सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, स्कूल और कॉलेज में 29 अगस्त को सुबह 10:00 बजे श्री सुखमणि साहिब जी के पाठ के बाद ग्रुप अरदास की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बारे में सभी गुरुद्वारों और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को लेटर जारी कर दिया गया है।
शिरोमणि कमेटी के सेक्रेटरी ने देश-विदेश की सभी सिख संगत, सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं से 29 अगस्त को अरदास करने की अपील भी की।
कहलवां ने कहा कि जेल में बंद सिखों की रिहाई का मुद्दा सिर्फ कुछ लोगों की रिहाई का मुद्दा नहीं है, बल्कि न्याय, मानवाधिकार और कानून के समान इस्तेमाल से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। अपनी सजा पूरी कर चुके कैदियों को दशकों तक जेलों में रखने से उनके परिवारों को भी असहनीय तकलीफ हो रही है।
उन्होंने कहा कि SGPC लंबे समय से संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जेल में बंद सिंहों की रिहाई के लिए आवाज उठा रही है। बलविंदर सिंह कहलवां ने खासकर भाई जगतार सिंह हवारा की अपनी बूढ़ी और गंभीर रूप से बीमार मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि यह चिंता की बात है कि सरकार ने इंसानी संवेदनाओं से जुड़े इस मामले में अभी तक कोई प्रैक्टिकल कदम नहीं उठाया है। इसी तरह भाई बलवंत सिंह राजोआना के मामले में सरकारों का अमानवीय रवैया भी दुखद है। सरकारों को जिद छोड़नी चाहिए और जेल में बंद सिंहों को तुरंत रिहा करना चाहिए। इस मौके पर OSD सतबीर सिंह धामी, पर्सनल सेक्रेटरी शाहबाज सिंह, एडिशनल सेक्रेटरी जसविंदर सिंह जस्सी, डिप्टी सेक्रेटरी गुरनाम सिंह, हरभजन सिंह वक्ता, आजाद दीप सिंह और मैनेजर राजिंदर सिंह रूबी भी मौजूद थे।
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