यमन में केरल की नर्स निमिषा प्रिया को मिल गया जीवनदान
यमन में निमिषा प्रिया की फांसी की सजा रद्द
क्या है पूरा मामला
चंडीगढ़, 29 जुलाई (विश्ववार्ता) केरल की नर्स निमिषा प्रिया को जीवनदान मिल गया है. यमन में उनकी मौत की सजा रद्द हो गई है. इसका मतलब है कि बहुत जल्द निमिषा प्रिया की घर वापसी होगी. निमिषा प्रिया यमन में अपने बिजनेस पार्टनर की हत्या के केस में मौत की सजा का सामना कर रही थीं. अब उनके लिए राहत की खबर आई है.
दरअसल, निमिषा प्रिया 37 साल की हैं. वह केरल की रहने वाली हैं. वह यमन में नर्स का काम करती थीं. निमिषा प्रिया ने यमन में साल 2015 में स्थानीय व्यक्ति तलाल अब्दो महदी के साथ मिलकर एक क्लिनिक खोला था. यह एक कानूनी तरीका था क्योंकि विदेशी वहां व्यवसाय नहीं चला सकते. मगर निमिषा प्रिया की यह चाहत बहुत जल्द खतरनाक हो गई.
यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी ने निमिषा का शोषण करना शुरू कर दिया. उसका पासपोर्ट और वीजा रख लिया. क्लिनिक पर कब्जा कर लिया और उसकी मासिक कमाई को डकारना शुरू कर दिया. निमिषा के परिवार का आरोप है कि महदी ने उसे बार-बार शारीरिक यातना, ड्रग्स के जरिए हमले और पासपोर्ट जब्त करके यमन से भागने से रोका. यमन में उनकी जिंदगी भयावह हो गई. इसके बाद उन्होंने अपनी जिंदगी को अंधेरे से बचाने के लिए जो किया, उसकी सजा ही उन्हें मिली थीं.
तालाल ने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के जरिए खुद को निमिषा का पति बताकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. उसने निमिषा का पासपोर्ट जब्त कर लिया, पैसे की उगाही की, और बार-बार धमकियां दीं. इन परिस्थितियों से तंग आकर साल 2017 में निमिषा प्रिया ने यमन से भागने की कोशिश की. इसके लिए उन्होंने तालाल को बेहोश करने की योजना बनाई ताकि अपना पासपोर्ट-वीजा वापस ले सकें. लेकिन कथित तौर पर दवा की अधिक डोज के कारण तालाल की मौत हो गई. इसके बाद निमिषा को गिरफ्तार कर लिया गया. उन पर हत्या का आरोप लगाया गया. साल 2018 में यमन की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई.























