गठिया के दर्द और थकान से निपटने के लिए सुझाव
गठिया के विभिन्न प्रकार और उनके लक्षण
कौन सी चीजें हो सकती हैं नुकसानदायक ?
चंडीगढ 05 अक्तूबर, 2026 (विश्ववार्ता) joint inflammation arthritis- जोड़ों का दर्द और गठिया अब कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर रहा है, जिसका मुख्य कारण खराब जीवनशैली, खान-पान में गड़बड़ी और बढ़ता वजन है • खराब जीवनशैली: शारीरिक गतिविधि की कमी और लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार जोड़ों की सेहत को ठीक रखने के लिए फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और सीड्स जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। फैटी फिश में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जिसे अध्ययनों में सूजन को कम करने और गठिया के लक्षणों में सुधार करने वाला पाया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स, ज्यादा चीनी, अस्वास्थ्यकर वसा और अत्यधिक रेड मीट वाली डाइट कम से कम खानी चाहिए। ऐसी डाइट वजन और शरीर में सूजन के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। घुटनों पर अतिरिक्त वजन पड़ने से दर्द और चलने-फिरने की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए हमेशा उन चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए जिनसे वजन बढ़ने का खतरा हो।
• खान-पान की गड़बड़ी: जंक फूड का अधिक सेवन और जरूरी पोषक तत्वों (जैसे कैल्शियम और विटामिन डी) की कमी।
• बढ़ता मोटापा: शरीर का वजन अधिक होने से घुटनों और अन्य जोड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
• ऑटोइम्यून बीमारियां: रोग प्रतिरोधक क्षमता के असंतुलन के कारण रूमेटॉइड अर्थराइटिस जैसी समस्याएं होती हैं।
बचाव और समाधान
• संतुलित आहार: दूध, हरी सब्जियां और पौष्टिक भोजन लें, जो जोड़ों को मजबूती दें।
• वजन नियंत्रण: नियमित व्यायाम और योग से वजन को नियंत्रित रखें।
• डॉक्टर की सलाह: दर्द बने रहने पर स्व-उपचार या बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
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