लोकसभा में आज पेश होगा यशवंत वर्मा के नकद जांच रिपोर्ट का खुलासा
नई दिल्ली, 12 अगस्त (विश्व वार्ता): दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही तीन सदस्यों वाली कमेटी की रिपोर्ट आज लोकसभा में पेश की जाएगी। यह मामला 14 मार्च, 2025 की रात को नई दिल्ली में तुगलक क्रिसेंट में जस्टिस वर्मा के सरकारी घर में आग लगने के बाद सामने आया था। आग बुझाने पहुंचे फायर ब्रिगेड और पुलिस के जवानों को कथित तौर पर स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में आधे जले हुए नोट मिले थे। जस्टिस वर्मा और उनकी पत्नी उस समय मध्य प्रदेश में थे।
इस घटना के बाद जस्टिस वर्मा का दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। हालांकि, उन्होंने अपने खिलाफ आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि बरामद कैश उनका नहीं था और जिस स्टोर रूम में ये नोट मिले, वह उनके मुख्य घर का हिस्सा नहीं था। लोकसभा स्पीकर ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली जांच कमेटी बनाई थी। Lok Sabha
लोकसभा के कामकाज के क्रम के मुताबिक, जांच रिपोर्ट का पार्ट-1 और पार्ट-2 सदन के सेक्रेटरी जनरल सदन के पटल पर रखेंगे। इसके साथ ही, जांच के दौरान रिकॉर्ड किए गए मौखिक बयान और डॉक्यूमेंट्री सबूत भी पेश किए जाएंगे। यह रिपोर्ट जज (जांच) एक्ट, 1968 और उससे जुड़े नियमों के तहत सदन में रखी जा रही है।
जस्टिस वर्मा केस के बाद 200 से ज़्यादा MPs ने लोकसभा स्पीकर को अर्जी देकर उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। इसके बाद जांच कमेटी बनाई गई थी। जस्टिस वर्मा ने इस साल 9 अप्रैल को इस्तीफा दे दिया था, लेकिन चूंकि उनके इस्तीफे से जुड़ी प्रक्रिया सरकारी लेवल पर पूरी नहीं हुई थी, इसलिए उन्हें पद से हटाने के लिए पार्लियामेंट्री कार्रवाई की अभी भी चर्चा है।
जस्टिस वर्मा को उनके घर से पैसे मिलने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। हालांकि उन्होंने इस साल 9 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन प्रेसिडेंट ने इसे स्वीकार नहीं किया। उनका नाम इलाहाबाद हाई कोर्ट में लिस्टेड है। यह अलग बात है कि 200 से ज़्यादा MPs ने उन्हें हटाने के लिए स्पीकर को अर्जी दी थी।
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