दिल्ली स्थित पार्टी और दूसरी पार्टी के बीच प्रयोग करना मंहगा पड़ा: सरदार सुखबीर सिंह बादल
शिरोमणी अकाली दल संघीय स्वायत्ता के लिए प्रतिबद्ध और पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ेगा
कहा कि दिल्ली स्थित पार्टियों द्वारा धर्म और जातिवाद के आधार पर प्रचारित बांटने वाली राजनीति राज्य में कभी सफल नही होगी
डेरा बस्सी/जीरकपुर चंंडीगढ, 5 मई (विश्ववार्ता): शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि दिल्ली आधारित पार्टी और दूसरी पार्टी के बीच प्रयोग करना पंजाब को मंहगा पड़ा है और संघीय स्वायत्ता सहित इसके सभी प्रमुख मुददों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और पंजाबियों से अकाली दल में विश्वास रखने का आग्रह किया ताकि राज्य की आवाज को संसद तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सके।
अकाली दल अध्यक्ष ने पंजाब बचाओ यात्रा के तहत पार्टी के पटियाला उम्मीदवार एन के शर्मा के समर्थन में प्रचार करते हुए इस विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान यह टिप्पणी की है। यात्रा को ऐतिहासिक समर्थन मिला और अकाली दल अध्यक्ष के स्वागत के लिए प्रमुख पड़ावोें पर हजारोें लोग सड़कों पर आए और यात्रा के सभी पड़ावों पर सरदार सुखबीर सिंह बादल पर बार-बार फूलों की बारिश की गई और माला पहनाई गई , इस यात्रा में भारी संख्या में नौजवानों की भागीदारी देखी गई।
यात्रा के एक पड़ावा पर बोलते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘ हमारे प्रयोगों की हमें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी है। पहले कांग्रेस ने कर्जा माफी , ‘ घर-घर नौकरी’ और बेरोजगारी युवाओं को 2500 रूपया प्रति माह देने के झूठे वादों से आपको गुमराह किया लेकिन कुछ नही किया। इसके बार आम आदमी पार्टी ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए दस दिनों के भीतर ड्रग्ज के खतरे को खत्म करने के अलावा महिलाओं को प्रति माह 1000 रूपया देने का वादा किया, लेकिन यह वादा भी झूटा था और इससे आप पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो गई है, क्योंकि इसने किसानों, अनुसूचित जाति और कमजोर वर्गों और व्यापार और उद्योग के साथ भेदभाव करने के अलावा एक लाख करोड़ रूपये का कर्जा लेकर राज्य को दिवालिया बना दिया है।’’
यह कहते हुए कि एकमात्र अकाली दल ही पंजाबियों की आकांक्षाओं को पूरा कर सकती है, सरदार बादल ने कहा,‘‘ पंजाब के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम संघीय स्वायत्ता के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी तरह हमें लगता है कि सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।’’ ऐसा नही किया जा रहा है और इसीलिए हमने अपने सिद्धांतों पर कायम रहने और यह चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया। हम इस रास्ते पर चलते रहेंगें, लेकिन अपनी बुनियादी विचारधारा से कभी समझौता नही करेंगें।’’
यह कहते हुए कि पंजाब सभी के लिए है, सरदार बादल ने कहा,‘‘धर्म और जातिवाद पर आधारित दिल्ली स्थित पार्टियों द्वारा प्रचारित बांटने वाली राजनीतिक राज्य में कभी सफल नही होगी।’’ पंजाबी स्वभाव से ही धर्मनिरपेक्ष हैं और हमारे गुरु साहिबान की विचारधारा ‘सरबत का भला’ के सिद्धांत का पालन करते हैं। मुझे विश्वास है कि वे अपनी क्षेत्रीय पार्टी -शिरोमणी अकाली दल में विश्वास जताएंगें और दिल्ली आधारित पार्टियों को छोड़ देंगें।’’
सरदार बादल ने कहा कि केवल अकाली दल के प्रतिनिधि ही संसद में पंजाब की आवाज उठा पाएंगें। उन्होने कहा,‘‘ आपने देखा है कि कैसे दिल्ली स्थित पार्टियों के सांसद पंजाब के महत्वपूर्ण मुददों पर चुप रहते हैं और अपने प्रमुखों से निर्देश लेते हैं कि जिनके लिए पंजाब का कोई महत्व नही है। हम आपकी आवाज संसद में उठाएंगें और सुनिश्चित करेंगें कि इसकी सुनवाई हो।’’
अकाली दल अध्यक्ष ने यह भी बताया कि कैसे डेरा बस्सी हलके में लगातार अकाली दल सरकारों के दौरान अभूतपूर्व विकास हुआ है, जबकि विधानसभा क्षेत्र के विकास में श्री एन के शर्मा द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। उन्होने लोगों से पूरे पटियाला हलके के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए श्री शर्मा को संसद में भेजने का आग्रह किया।























