लोकसभा चुनाव 2024, चुनाव प्रचार थमा
कल ईवीएम मे कैद होगा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
प्रधानमंत्री मोदी संग इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
सब ने लगाया एडी चोटी का जोर पर जितेगा वही जिसके हक मे मतदाता लगायेगा मुहर
चंडीगढ़, 31 मई (विश्ववार्ता): भीषण गर्मी और राजनीतिक दलों के एक-दूसरे के खिलाफ तीखे बयानों से भरा 18वीं लोकसभा चुनाव के लिए करीब दो महीने तक चला चुनाव प्रचार का सिलसिला वीरवार शाम छह बजे थम गया। इन चुनावों में सातवें एवं अंतिम चरण में आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश चंड़ीगढ़ सहित 57 संसदीय सीटों के लिए मतदान कल यानि की शनिवार को होगा।
सातवें एवं अंतिम चरण में पंजाब की 13 सीटों पर जिनमे पंजाब की जिन 13 संसदीय सीटों पर मतदान होगा, उनमें गुरदासपुर, अमृतसर, खडूर साहिब, जालंधर (सुरक्षित), होशियारपुर (सुरक्षित), आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब (सुरक्षित), फरीदकोट (सुरक्षित), फिरोजपुर, बठिंडा, संगरूर, पटियाला सीट शामिल है। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में एक जून को मतदान होना है। वही उत्तर प्रदेश की 13 सीटों पर 144, 328, पश्चिम बंगाल की नौ सीटों के लिए 124, बिहार की आठ सीटों पर 134, ओडिशा की छह सीटों पर 66, हिमाचल प्रदेश की चार सीटों पर 37, झारखंड की तीन सीटों पर 52 और केंद्रशासित प्रदेश चंड़ीगढ़ की एक सीट पर 19 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
इस चरण में प्रधानमंत्री मोदी, अभिनेत्री कंगना रनौत, अनुराग ठाकुर, रवि किशन, रविशंकर प्रसाद, संजय टंडन, कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह, अजय राय, तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी, लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और भोजपुरी कलाकार पवन सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद होगा।
सूबे मे भी बड़े-बड़े दावों, वादों और आरोपों के साथ चुनाव प्रचार आखिरकार शाम 6 बजे चुनाव आयोग के निर्देश पर थम गया। हालांकि उम्मीदवारों द्वारा घर-घर जाकर प्रचार किया जा सकता है, लेकिन विजुअल मीडिया और लाउड स्पीकर से प्रचार बंद कर दिया गया है। एक जून को होने वाले चुनाव को लेकर राज्य भर में राजनीतिक नेता और उनके समर्थक काफी उत्साहित हैं. चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, सार्वजनिक बैठकें, किसी भी तरह का प्रदर्शन, नारे लगाना और 5 से ज्यादा लोगों के इक_ा होने पर प्रतिबंध रहेगा. इस दौरान लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, उम्मीदवार घर-घर जाकर प्रचार कर सकेंगे. एक जून को मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा।
सभी मतदान केंद्रों को धूम्रपान मुक्त घोषित कर दिया गया है. पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए कुल 328 उम्मीदवार मैदान में हैं। 169 निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जबकि राज्य में 2.14 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 1 करोड़ 12 लाख 67 हजार 019 पुरुष जबकि 01 लाख 53 हजार 767 महिला मतदाता हैं. 5.38 लाख मतदाता 18 से 19 साल की उम्र के हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे जबकि 1.89 लाख मतदाता 85 साल से ज्यादा उम्र के हैं. 1 जून को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी. राज्य भर में 25 451 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग लें और इस बार ’70’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए अपने अधिकारों का प्रयोग करें। आज शाम 6 बजे से शराब की दुकानें बंद कर दी गई हैं, जो 1 जून को मतदान के बाद खुलेंगी. राज्य में सभी राजनीतिक दलों ने अपने नारे और घोषणा पत्र जनता के सामने रख दिये हैं. यह कहना मुश्किल है कि इस बार राज्य में किसका पलड़ा भारी है. क्योंकि आपकी हलचल पहले जैसी नहीं दिख रही है. कांग्रेस अंदरूनी फूट का शिकार है और शिरोमणि अकाली दल भी कहीं न कहीं अपना जमीनी आधार खो चुका है. बीजेपी की बात करें तो उसका आधार शहरी वोटरों में ही है. कुल मिलाकर, मतदाता के फैसले का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल लगता है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. चार जून को मतदाताओं को पता चल जायेगा कि मतदाता भगवान किसके पक्ष में मुहर लगाते हैं।
























