
पढ़ें इन्फेक्शन से बचने के कारगर तरीके
नई दिल्ली, 1 दिसंबर 2025 (विश्व वार्ता): World AIDS Day 2025: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को वर्ल्ड एड्स डे पर कहा कि HIV/AIDS के खिलाफ लड़ाई में बचाव के उपाय और जल्दी टेस्टिंग ज़रूरी हैं।https://twitter.com/JPNadda/status/1995335036195967128
वर्ल्ड एड्स डे हर साल 1 दिसंबर को बच्चों, किशोरों और युवा महिलाओं को होने वाली महामारी और कमज़ोरियों को दूर करने के साथ-साथ इस बीमारी से जुड़े कलंक से लड़ने के लिए मनाया जाता है। इस साल की थीम है “बाधा पर काबू पाना, एड्स रिस्पॉन्स को बदलना”।
World AIDS Day 2025:
नड्डा ने HIV से पीड़ित लोगों को होने वाली गलतफहमियों और कलंक से लड़ने की ज़रूरत के बारे में भी बात की।
हेल्थ मिनिस्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में शेयर किया, “वर्ल्ड एड्स डे हमें HIV/AIDS को समझने, बचाव के तरीके अपनाने और जल्दी टेस्टिंग को बढ़ावा देने की अहमियत याद दिलाता है। यह HIV से इन्फेक्टेड और प्रभावित लोगों के साथ एकता दिखाने का भी मौका है, साथ ही HIV ट्रांसमिशन के बारे में गलतफहमियों को दूर करना है, जैसे कि वायरस कैसे फैलता है, इस बारे में गलतफहमियां।”
उन्होंने आगे कहा, “एक समाज के तौर पर, हमें जागरूकता बढ़ानी चाहिए, HIV/AIDS से जुड़े स्टिग्मा और भेदभाव का मुकाबला करना चाहिए, और सभी के लिए हेल्थकेयर तक बराबर पहुंच पक्का करनी चाहिए। आइए, हम सब मिलकर एक हेल्दी, ज़्यादा सबको साथ लेकर चलने वाले भविष्य के लिए काम करें।”
अनप्रोटेक्टेड सेक्स- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ बिना कंडोम के यौन संबंध बनाने से वायरस फैलने का खतरा रहता है।
इन्फेक्टेड सीरिंज का इस्तेमाल- संक्रमित ब्लड से इन्फेक्टेड सुईयों, सीरिंज या अन्य इंजेक्शन उपकरणों के इस्तेमाल से एचआईवी फैल सकता है। यह मुख्य रूप से नशीली दवाओं के इंजेक्शन लगाने वाले लोगों में देखा जाता है।
ब्लड ट्रांसफ्यूजन- एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाने से भी यह वायरस फैल सकता है। हालांकि, आधुनिक समय में खून की जांच व्यवस्था मजबूत होने के कारण इसका खतरा कम हो गया है।
मां से शिशु को- गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान संक्रमित मां से उसके शिशु में एचआईवी फैल सकता है। सही देखभाल और दवाओं से इस जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।
एड्स से बचाव के तरीके
प्रोटेक्टेड सेक्स- हर बार फिजिकल संबंध बनाते समय कंडोम का सही तरीके से इस्तेमाल करें। कंडोम एचआईवी सहित कई सेक्शुअल डिजीज से सुरक्षा देते हैं।
नए इंजेक्शन का इस्तेमाल- इंजेक्शन लगाने के लिए हमेशा नई, बंद पैक की हुई सुई और सीरिंज का इस्तेमाल करें। कभी भी इंजेक्शन उपकरणों को शेयर न करें।
खून की जांच- खून चढ़वाने से पहले सुनिश्चित करें कि ब्लड की एचआईवी जांच की गई है। भारत में अब रक्तदान के पहले खून की जांच अनिवार्य है।
गर्भावस्था में सावधानी- एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। दवाओं और सही देखभाल से मां से शिशु में संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सकता है।
नियमित जांच- अगर आपको एचआईवी संक्रमण का कोई भी रिस्क लगता है, तो नियमित रूप से एचआईवी जांच करवाएं। तुरंत पहचान और इलाज से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
जागरूकता फैलाएं- एड्स के प्रसार और बचाव के बारे में लोगों को शिक्षित करें। मिथकों को दूर करने में मदद करें।
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