
आज देशभर में 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी रहेंगे हड़ताल पर
आज देशव्यापी हड़ताल के कारण कई जरूरी सेवाओं पर असर पडऩे की आशंका
चंडीगढ,8 जुलाई (विश्ववार्ता) केंद्रीय और क्षेत्रीय ट्रेड यूनियनों से जुड़े कर्मचारी बुधवार को देशभर में हड़ताल करेंगे। इससे बैंकिंग, डाक और अन्य सेवाएं बाधित हो सकती हैं। वे नए श्रम संहिता और निजीकरण के विरोध और न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये और पुरानी पेंशन योजना जैसी मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं।
ट्रेड यूनियंस निजीकरण और 4 नए लेबर कोड्स के विरोध में हैं। ये केंद्र की उन नीतियों का विरोध कर रही हैं, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक मानती हैं।
पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के मुताबिक देश में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में 56 करोड़ कर्मचारी है। इसमें इनफॉर्मल सेक्टर में 50 करोड़ और फॉर्मल सेक्टर में 6 करोड़ कर्मचारी है।
फॉर्मल और इनफॉर्मल सेक्टर में अंतर?
फॉर्मल सेक्टर मतलब वो नौकरियां या बिजनेस जहां सब कुछ साफ-साफ और नियमों के तहत होता है। जैसे सरकारी दफ्तर, बैंक, बड़ी फैक्ट्रियां, या मल्टीनेशनल कंपनियां। यहां सैलरी फिक्स्ड होती है, प्रोविडेंट फंड, हेल्थ इंश्योरेंस, और छुट्टियां जैसे फायदे मिलते हैं।
इनफॉर्मल सेक्टर वो है जहां काम ढीले-ढाले ढंग से होता है और ज्यादा नियम-कानून नहीं होते। जैसे छोटी दुकानें, स्ट्रीट वेंडर, ऑटो रिक्शा ड्राइवर, या घरों में सिलाई का काम। यहां सैलरी या कमाई तय नहीं होती, कोई PF या इंश्योरेंस नहीं मिलता, और काम के घंटे भी अनियमित होते हैं।
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- भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक)
- अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी)
- हिंद मजदूर सभा (एचएमएस)
- भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीआईटीयू)
- अखिल भारतीय संयुक्त ट्रेड यूनियन केंद्र (AIUTUC)
- ट्रेड यूनियन समन्वय केंद्र (टीयूसीसी)
- स्वरोजगार महिला एसोसिएशन (सेवा)
- अखिल भारतीय केंद्रीय ट्रेड यूनियन परिषद (AICCTU)
- लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ)
- यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी






















