
पंजाब मे सूर्य देवता ने दिखाया उग्र रूप, पारा 43 के पार
सिविल सर्जन ने मौसम को लेकर जारी की चेतावनी
गर्मी से बचने के लिए क्या करें / क्या न करें
चंडीगढ, 10 अप्रैल:(विश्ववार्ता): देशभर सहित पंजाब मे दिन प्रतिदिन तापमान में हो रही वृद्धि को ध्यान में रखते हुए लोगों को हीट वेव से बचने के लिए सचेत रहने की बहुत जरूरत है। पंजाब मे पारा 43 के पार पहुंच चुका है जिस कारण हर तरफ हाहाकार मचा दिया है।
सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत लाल ने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा हीट वेव से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। जब मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक हो जाए तो यह उच्च तापमान शरीर की तापमान नियंत्रण प्रणाली को बिगाड़ता है और गर्मी में होने वाली बीमारियों का कारण बनता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वह स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी की पालना करें और हीट वेव के दौरान छोटे बच्चों गर्भवती महिलाओं एवं 65 वर्ष या इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। सिविल सर्जन ने कहा कि शरीर का तापमान ज्यादा होना, तेज सिर दर्द, बेचैनी, चक्कर आना, उल्टी आना एवं दिल की धडक़न तेज होना हीट वेव के लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि गर्मियों के दौरान हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना चाहिए और धूप से बचाव के लिए छतरी टोपी तोलिए इत्यादि का इस्तेमाल करना चाहिए और अगर किसी को हीट वेव से संबंधित कोई लक्षण हो तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से परामर्श करें।
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गर्मी से बचने के लिए क्या करें/क्या न करें
क्या करें:
* दिन के ठंडे समय के दौरान बाहरी काम करें, जैसे सुबह और शाम।
* हर आधे घंटे बाद पानी पिएं, भले ही प्यास न हो। मिर्गी, दिल की बीमारी, गुर्दे या जिगर की बीमारी वाले लोग, जो तरल पदार्थों की सीमित मात्रा लेते हैं, उन्हें पानी की मात्रा बढ़ाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
* बाहर काम करते समय हल्के/फीके रंग के पूरे बाजू वाले कपड़े पहनें। गर्मियों में केवल सूती कपड़े पहनने की कोशिश करें।
* सीधी धूप से अपने सिर को ढकने के लिए छाता, टोपी, तौलिया, पगड़ी या दुपट्टा इस्तेमाल करें।
* धूप में काम करने वाले लोगों को शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए छाया में आराम करना चाहिए या अपने सिर पर गीला कपड़ा रखना चाहिए।
* धूप में बाहर जाते समय हमेशा पानी साथ रखें।
* मौसमी फल और सब्जियां जैसे तरबूज, संतरा, अंगूर, खीरा और टमाटर खाएं, क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है।
* आपके घर या कार्यालय में सामान या भोजन की डिलीवरी के लिए आने वाले लोगों को पानी दें।
* नींबू पानी, लस्सी, नारियल पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का उपयोग करें और उनका सेवन बढ़ाएं।
* अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन और अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए काले चश्मे लगाएं।
* थोड़ा-थोड़ा भोजन करें और बार-बार खाएं।
* ठंडे पानी से बार-बार नहाएं।
* छतों पर भूसा डालना या सब्जियां उगाना तापमान को कम रखता है।
* यदि व्यायाम कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे शुरू करें और कुछ दिनों में इसे बढ़ाएं ताकि शरीर बढ़ते तापमान के अनुकूल हो सके।
* प्याज का सलाद और कच्चा आम नमक व जीरे के साथ खाने जैसे पारंपरिक उपाय गर्मी के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
क्या न करें:
* नंगे पैर बाहर न जाएं, धूप में बाहर जाते समय हमेशा जूते या चप्पल पहनें।
* धूप में बाहर जाने से बचें, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच।
* गर्मियों के चरम समय के दौरान खाना पकाने से बचें, रसोई क्षेत्र को अच्छी तरह हवादार रखने के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखें।
* शराब, चाय, कॉफी, और कार्बोनेटेड व अतिरिक्त मीठे पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये वास्तव में शरीर के तरल पदार्थों को कम कर देते हैं।
* तले हुए भोजन से बचें, बासी भोजन न खाएं।
* बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें।
लक्षण जिनके लिए तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है:
* बेचैनी, बोलने में कठिनाई, चिड़चिड़ापन, अटैक्सिया, सलर्ड स्पीच, दौरे पड़ना आदि के साथ मानसिक संतुलन में बदलाव।
* गर्म, लाल और सूखी त्वचा।
* जब शरीर का तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक हो जाए।
* गंभीर सिरदर्द।
* चिंता, चक्कर आना, बेहोशी और हल्का सिरदर्द।
* मांसपेशियों की कमजोरी या एक घंटे से अधिक समय तक ऐंठन।
* उल्टियां।
* दिल की धड़कन बढ़ना।
* सांस लेने में तकलीफ।
क्या करना है:
याद रखें, यदि आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिलता है, जिसका शरीर का तापमान बहुत अधिक है, जो बेहोश है, बेचैन है, या जिसे पसीना आना बंद हो गया है, तो तुरंत 104 मेडिकल हेल्पलाइन पर कॉल करें। एम्बुलेंस के आने तक, उसे छाया में ले जाकर, पंखा लगाकर, और यदि संभव हो, तो उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें। जल्दी कार्रवाई से किसी की जान बच सकती है।






















