
पटियाला में ‘नारी शक्ति वंदन’ मार्च में हजारों महिलाओं ने लिया हिस्सा; ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक का किया स्वागत
नारी शक्ति वंदन अधिनियम राष्ट्र निर्माण और कानून बनाने में महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करेगा: पूर्व सांसद प्रनीत कौर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 33% आरक्षण के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की ओर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है: मनीषा गुलाटी
पटियाला, चंडीगढ़, 16 अप्रैल, (विश्व वार्ता) महिला सशक्तिकरण और ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में आज पटियाला में एक विशाल ‘नारी शक्ति वंदन मार्च’ निकाला गया। इस मार्च में समाज के विभिन्न वर्गों की हजारों महिलाओं, जिनमें एनजीओ प्रतिनिधि, शिक्षिकाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और महिला नेता शामिल थीं, ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस मार्च का नेतृत्व पूर्व सांसद प्रनीत कौर और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए प्रनीत कौर ने संसद में लंबे समय से प्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक लाने और महिलाओं की मजबूत राजनीतिक भागीदारी को वास्तविकता बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण प्रदान करता है, एक परिवर्तनकारी सुधार है। यह महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा और देश की निर्णय लेने तथा कानून बनाने की प्रक्रियाओं में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।”
प्रनीत कौर ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण केवल नारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन का एक मुख्य स्तंभ बन गया है। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, पीएम मुद्रा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और सशस्त्र बलों व प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी जैसे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने हर क्षेत्र में महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर काम किया है।
इस अवसर पर बोलते हुए मनीषा गुलाटी ने कहा कि आज भारतीय महिलाएं खेल, शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता, रक्षा और राजनीति सहित हर क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रही हैं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम इस बदलाव को और तेज करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून महज एक आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है कि महिलाएं देश के भविष्य को गढ़ने में बराबर की भागीदार बनें।
नेताओं ने बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और इस आयोजन को भारत में ‘महिला-प्रधान विकास’ और महिला सशक्तिकरण के समर्थन में एक ऐतिहासिक प्रदर्शन करार दिया। historic women’s reservation bill was welcome
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