
हुक्मनामा श्री दरबार साहिब
Hukamnama Sri Darbar Sahib Today – 31 October 2025 | Ang 676 I ਅੱਜ ਦਾ ਹੁਕਮਨਾਮਾ*
हे भाई! खोजते खोजते जब मैं गुरु महां पुरख को मिला, तो पूरे गुरु ने (मुझे) यह समझ दी की ( माया के मोह से बचने के लिए) और सारी जुग्तियों में से एक भी जुगत कान नहीं आती। परमात्मा का नाम सिमरन करना ही काम आता है।१। इस लिए, हे भाई! मैंने परमात्मा का सहारा ले लिया। (जब मैं) सरब-व्यापक परमात्मा के सरन आया, तो मेरे सारे (माया के) जंजाल नास हो गये।रहाउ। हे भाई! देव लोक, मात लोक, पाताल-सारी ही सृष्टि माया (मोह में) फसी हुई है। हे भाई! सदा परमात्मा का नाम जपा करो, यही है जीवन को ( माया के मोह से बचाने वाला, यही है सारी ही कुलों को पार लगाने वाला।२।



















