
health fitness:दूषित पानी में कौन से बैक्टीरिया पाए जाते हैं ?
जानकारी के मुताबिक इलाके के बोरवेल से लिए गए 69 भूजल नमूनों में से 35 में फीकल कोलिफॉर्म (मलजनित जीवाणु) संदूषण पाया गया है. सिर्फ ई-कोलाई ही नहीं इस पानी में साल्मोनेला और विब्रियो कॉलरा बैक्टीरिया के साथ-साथ वायरस, फंगस और प्रोटोजोआ के भी मिलने की पुष्टि हुई है. इन्हीं की वजहों से लोगों को बहु-जीवाणु संक्रमण हुआ और उनकी जान चली गई। health fitnes
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉक्टर शालीमार ने बताया कि साल्मोनेला और ई. कोलाई दोनों ही हानिकारक बैक्टीरिया हैं. पीने के पानी में ये नहीं होने चाहिए. ई. कोलाई मानव मल (पाखाना) में पाया जाता है. पीने के पानी में इस बैक्टीरिया की मौजूदगी यह दिखाती है कि पानी मलजनित पदार्थ (सीवर) से दूषित है. जबकि घरों तक पीने के पानी की सप्लाई से पहले उसमें किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया की उपस्थिति की जांच की जाती है।
डॉ. बताते हैं कि साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया पानी के माध्यम से शरीर के अंदर पहुंचकर गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं, विशेषकर शिशुओं, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और उन लोगों में जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है. जो लोग स्टेरॉयड जैसी इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं ले रहे हैं या जिनको कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हैं, उनके लिए ये दोनों काफी खतरनाक हैं. साल्मोनेला और ई. कोलाई से संक्रमण होने पर बुखार, पेट दर्द, दस्त, टाइफाइड और शरीर के अन्य अंगों पर असर पड़ सकता है. मल्टी-ऑर्गन फेल्योर तक हो सकते हैं, गंभीर मामलों में यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। health fitnes
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