वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंजाब के शुद्ध जीएसटी संग्रह में 12.52% की वृद्धि दर्ज: Harpal Singh Cheema
शुद्ध जीएसटी संग्रह 26,601 करोड़ रुपये तक पहुंचा, पंजाब राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़कर आगे निकला: हरपाल सिंह चीमा
मार्च 2026 में 16.6% की वृद्धि, शुद्ध संग्रह 2,231.93 करोड़ रुपये तक पहुंचा: हरपाल सिंह चीमा
पंजाब ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शुरुआती मजबूत वृद्धि, जीएसटी 2.0 नीति के कारण आई गिरावट और अंतिम तिमाही में शानदार रिकवरी देखी: हरपाल सिंह चीमा
वित्त मंत्री ने इस वृद्धि का श्रेय प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) और बेहतर कर अनुपालन को दिया
तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, बेहतर कर अनुपालन और प्रवर्तन प्रयास वित्तीय वर्ष 2026-27 में जीएसटी वृद्धि को और मजबूत करेंगे: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, (विश्व वार्ता) मजबूत वित्तीय प्रबंधन और निरंतर आर्थिक सुधार को दर्शाते हुए, पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट Harpal Singh Cheema ने आज यहां वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मार्च माह तक शुद्ध वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में 12.52% की महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य ने मार्च 2026 में वर्ष-दर-वर्ष भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जिसमें शुद्ध जीएसटी संग्रह मार्च 2025 के 1,913.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,231.93 करोड़ रुपये हो गया है। यह 318.11 करोड़ रुपये की शुद्ध वृद्धि और 16.6% की बढ़ोतरी को दर्शाता है, जबकि मार्च में एसजीएसटी नकद संग्रह में 18% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। लगभग 7% की राष्ट्रीय वृद्धि दर की तुलना में यह प्रदर्शन पंजाब को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बड़े राज्यों में शामिल करता है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में इन आंकड़ों का खुलासा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब ने पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लगातार और व्यापक राजस्व वृद्धि दर्ज की है। मार्च तक शुद्ध जीएसटी संग्रह 2024-25 के 23,642.08 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 26,601.12 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें 2,959.04 करोड़ रुपये की ठोस वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा, “इस निरंतर वित्तीय विस्तार ने पंजाब को राष्ट्रीय औसत से आगे रखते हुए शुद्ध जीएसटी राजस्व में लगभग 6% अधिक वृद्धि दिलाई, जिससे राज्य एक मजबूत प्रदर्शनकर्ता के रूप में स्थापित हुआ है।”
Harpal Singh Cheema ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तीन चरणों वाली राजस्व प्रवृत्ति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है—शुरुआती मजबूत वृद्धि, जीएसटी 2.0 नीति के कारण आई गिरावट और अंतिम तिमाही में तेज रिकवरी। उन्होंने बताया कि पहले छह महीनों (अप्रैल से सितंबर 2025) में पंजाब ने शुद्ध जीएसटी संग्रह में 2,478.19 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की, जो 23% की वृद्धि को दर्शाती है। यह राज्य स्तर पर प्रभावी प्रवर्तन और अनुपालन उपायों का परिणाम है।
जीएसटी 2.0 नीति के कारण आयी चुनौतियों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में गिरावट आई, जहां शुद्ध संग्रह में 193.04 करोड़ रुपये (-3%) की कमी दर्ज की गई, जो मुख्य रूप से केंद्र की नीतिगत बदलावों के कारण थी। इस चरण में लगभग 400 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व प्रभाव पड़ा।
उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार के सक्रिय हस्तक्षेप के चलते जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में तेज रिकवरी हुई। इस दौरान कुल संग्रह में 564.97 करोड़ रुपये (9%) और शुद्ध संग्रह में 669.09 करोड़ रुपये (11%) की वृद्धि हुई, जिससे पहले आई गिरावट की भरपाई हो गई और विकास की गति फिर से स्थापित हुई।
Harpal Singh Cheema ने कहा कि जीएसटी संग्रह में निरंतर वृद्धि, विशेषकर अंतिम तिमाही की मजबूत रिकवरी, राज्य सरकार की प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और कर प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के बावजूद पंजाब ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सरकार कर अनुपालन ढांचे को मजबूत करने, तकनीक के उपयोग को बढ़ाने और ईमानदार करदाताओं को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे कई बड़े राज्यों ने मार्च 2026 और वार्षिक आंकड़ों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की, जो जीएसटी संग्रह में व्यापक दबाव को दर्शाता है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जीएसटी संग्रह में और वृद्धि का विश्वास जताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह राज्य सरकार के लगातार प्रवर्तन प्रयासों, बेहतर अनुपालन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण संभव होगा, जो राजस्व को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। Harpal Singh Cheema























