
Bhagwant Maan Sarkar परेशानी-रहित और अनुकूल व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: Harpal Singh Cheema
प्री-जी.एस.टी. बकायों की वसूली के लिए पंजाब सरकार ने 91.10 करोड़ रुपये की 136 संपत्तियां अटैच कीं: हरपाल सिंह चीमा
वन टाइम पॉलिसी के माध्यम से व्यापारियों के लिए सुनहरा अवसर, लेकिन जानबूझकर की गई टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: हरपाल सिंह चीमा
व्यापार की सुविधा के साथ-साथ सख्त कार्रवाई भगवंत मान सरकार के टैक्स प्रशासन मॉडल की पहचान: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ, 19 फरवरी,(विश्ववार्ता) पंजाब के वित्त, आबकारी और कर मंत्री Harpal Singh Cheema ने आज यहां कहा कि भगवंत मान सरकार व्यापार की सुविधा और सख्त टैक्स अनुपालन (टैक्स नियमों की पालना) के बीच मजबूती से संतुलन बनाए रख रही है, जिसके चलते पंजाब कर विभाग ने जी.एस.टी. व्यवस्था से पहले के कर बकायों की वसूली के लिए एक बड़ी मुहिम के तहत 91.10 करोड़ रुपये की 136 संपत्तियां अटैच की हैं। उन्होंने कहा कि जहां सरकार ने व्यापारियों को पुराने बकाये चुकाने में मदद करने के लिए एक बहुत ही लाभदायक एकमुश्त निपटान योजना की अवधि बढ़ाई है, वहीं लगातार डिफॉल्टर रहने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।
वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने कहा, “पंजाब सरकार परेशानी-रहित और अनुकूल व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कारण हमने एकमुश्त निपटान योजना की अवधि बढ़ाई है, जो व्यापारियों को जी.एस.टी. व्यवस्था से पहले के उनके बकायों का सुगम माहौल में निपटान करने के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है।”
आबकारी और कर मंत्री ने आगे कहा, “हालांकि, जानबूझकर की गई कर चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 91 करोड़ रुपये से अधिक की 136 संपत्तियों को अटैच करना एक स्पष्ट संदेश देता है कि कर विभाग बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। मैं सभी संबंधित व्यापारियों से जोरदार अपील करता हूं कि वे अपने बकाये का निपटान करें और अपनी संपत्तियों को आगामी नीलामी से बचाने के लिए एकमुश्त निपटान योजना का तुरंत लाभ उठाएं।”
18 फरवरी, 2026 तक बकायों के विवरण के बारे में आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, “विभाग ने विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में कुल 136 संपत्तियां अटैच की हैं जिनकी कीमत 91.10 करोड़ रुपये है। इसमें प्राथमिक जिलों में स्थित 50.58 करोड़ रुपये की 78 संपत्तियां, और अन्य जिलों, राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 40.52 करोड़ रुपये की अन्य 58 संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ संपत्तियों की पहले ही नीलामी की जा चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप 15.27 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।”
उन्होंने आगे बताया, “मुख्य कार्यालय ने 33.77 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियों को बेचने की पहले ही अनुमति दे दी है। इन मंजूरशुदा मामलों में से, 13.68 करोड़ रुपये की 21 संपत्तियों की नीलामी की अंतिम तिथियां तय कर दी गई हैं। जिला अधिकारियों द्वारा भी अपने स्तर पर 16.42 करोड़ रुपये की अन्य 15 संपत्तियों की नीलामी की कार्रवाई शुरू की गई है, जिनकी बिक्री के लिए औपचारिक अनुमति फिलहाल प्रक्रिया अधीन है।”
वित्त मंत्री ने कहा, “व्यापक अंतर-अधिकार क्षेत्र वसूली सुनिश्चित करने के लिए, रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं और 10.61 करोड़ रुपये की 24 संपत्तियों के लिए संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के स्तर पर लंबित हैं। इन प्रवर्तन कार्रवाइयों के बढ़ते दबाव के ठोस नतीजे सामने आ रहे हैं, क्योंकि कई लाइसेंसधारकों और जमानतदारों ने अपनी संपत्तियों की आगामी नीलामी को रोकने के लिए सक्रिय रूप से अपना बकाया जमा कराना शुरू कर दिया है।”
अंत में, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी दी कि कर विभाग वसूली प्रक्रिया की निकट निगरानी कर रहा है और यदि संबंधित करदाता जिसके खिलाफ जी.एस.टी. से पहले का बकाया खड़ा है, चल रही ओ.टी.एस. का लाभ लेने में असफल रहता है तो जिन संपत्तियों की तिथियां पहले ही तय हो चुकी हैं, उनकी अंतिम नीलामी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी Harpal Singh Cheema
अधिक समाचार पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें: www.wishavwarta.in






















