National News: पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है! – सरकार ने फिर किया साफ़
चंडीगढ, 15 जुलाई, 2026 (विश्ववार्ता) केंद्र सरकार ने फिर दोहराया है कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि भारत सरकार भारतीय नागरिकों को देश से बाहर यात्रा के लिए पासपोर्ट एक्ट, 1967 के अनुसार पासपोर्ट जारी करती है। मंत्रालय ने कहा कि यह एक डॉक्यूमेंट है जो पूरी तरह से वेरिफिकेशन और जांच के बाद जारी किया जाता है। यह पासपोर्ट एक्ट, 1967 और पासपोर्ट नियम, 1980 के तहत आता है। जायसवाल ने कहा कि देश के 8% से भी कम नागरिकों के पास पासपोर्ट है।
इससे पहले 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का सबूत नहीं। हालांकि, इससे पहले कई लोग पासपोर्ट को नागरिकता का सबूत मान रहे थे।
अब बात करते हैं नागरिकता की। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ़ कर चुके हैं कि आधार कार्ड पहचान का सबूत है, नागरिकता साबित करने वाला डॉक्यूमेंट नहीं। कोर्ट ने पहले यह भी साफ़ किया है कि आधार एक्ट, 2016 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट, 1950 के तहत यह नागरिकता, जन्मतिथि या डोमिसाइल का सबूत नहीं है। इसके अलावा, पासपोर्ट, पैन कार्ड या वोटर ID कार्ड होने से कोई भी भारतीय नागरिक नहीं बन जाता।
हालांकि, भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कोई ऑफिशियल डॉक्यूमेंट जारी नहीं किया जाता है। संविधान के अनुसार, भारत में पैदा हुआ कोई भी व्यक्ति भारतीय नागरिक है। भारत में पैदा हुए बच्चे या उनके वंशज भी भारतीय नागरिक माने जाते हैं।
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