Punjab में पराली जलाने के 1,007 मामले दर्ज; 397 घटनाओं के साथ तरनतारन सबसे आगे
426 चेतावनी और कारण बताओ नोटिस किए जारी
पटियाला, चंडीगढ, 30 अक्टूबर (विश्ववार्ता) – पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (PPCB) की ज़िलेवार रिपोर्ट के मुताबिक, धान की कटाई के इस मौसम में पंजाब में पराली जलाने की 1,007 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से सबसे ज़्यादा मामले तरनतारन ज़िले में सामने आए हैं, इसके बाद अमृतसर और फिरोज़पुर का नंबर आता है।
तरनतारन में 397 मामले दर्ज किए गए, जो पूरे राज्य में दर्ज कुल घटनाओं का लगभग 39 प्रतिशत है। अमृतसर 171 मामलों के साथ दूसरे और फिरोज़पुर 104 घटनाओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
इन तीन ज़िलों में कुल 672 मामले सामने आए हैं, जिससे पता चलता है कि पराली जलाने की घटनाएं ज़्यादातर इन्हीं इलाकों में हैं।
PPCB की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरदासपुर में 72, कपूरथला में 63, बठिंडा में 31, फाज़िल्का में 28, जालंधर में 22 और फरीदकोट में 21 घटनाएं हुईं।
पटियाला और होशियारपुर में क्रम से 16 और 12 मामले सामने आए। संगरूर में भी 12 घटनाएं हुईं, जबकि फतेहगढ़ साहिब में 11 मामले सामने आए। मुक्तसर में 9 मामले सामने आए, जबकि मोगा, बरनाला और S.A.S. नगर (मोहाली) में 7-7 घटनाएं हुईं।
लुधियाना में 6, मलेरकोटला में 5, S.B.S. नगर में 3, रूपनगर में 2 और पठानकोट में 1 घटना हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, मानसा में पराली जलाने की कोई घटना दर्ज नहीं हुई। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि पंजाब भर में रिपोर्ट की गई 1,007 घटनाओं में से, अधिकारियों ने 778 जगहों की जांच की। जांच के दौरान, 379 जगहों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई।
इसके अलावा, PPF (पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) टीमों और नोडल अधिकारियों को 26 खेतों में पराली जलाने के निशान मिले।
कार्रवाई के तहत, 349 मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल 17.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 13.15 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं।
पराली जलाने की घटनाओं के संबंध में कुल 246 FIR दर्ज की गई हैं, जबकि 297 खेतों के रेवेन्यू रिकॉर्ड में ‘रेड एंट्री’ की गई हैं।
अधिकारियों ने इन घटनाओं के संबंध में नोडल और मॉनिटरिंग अधिकारियों को 426 चेतावनी और कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
लेकिन, रिपोर्ट में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) एक्ट के सेक्शन 14 के तहत मुकदमा चलाने, चार्जशीट फाइल करने और अधिकारियों को सस्पेंड करने के लिए की गई कार्रवाई की ‘ज़ीरो’ संख्या दर्ज है।
पटियाला जिले में अब तक पराली जलाने के 16 मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने 14 जगहों का इंस्पेक्शन किया और उनमें से 7 पर पराली जलाने की पुष्टि की।
जिले में 6 मामलों में एनवायर्नमेंटल कंपनसेशन लगाया गया, जो कुल Rs 35,000 था; इसमें से Rs 20,000 वसूल किए जा चुके हैं।
यह रिपोर्ट 29 अक्टूबर तक के सीजन के कुल आंकड़े दिखाती है, लेकिन यह पिछले 24 घंटों में रिपोर्ट की गई नई घटनाओं का जिलेवार ब्योरा नहीं देती है। इसलिए, इन आंकड़ों से यह पता लगाना मुमकिन नहीं है कि इस दौरान किस जिले में सबसे ज़्यादा नए मामले दर्ज हुए हैं।
धान की कटाई के मौजूदा सीजन के दौरान, राज्य के अधिकारी पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं और सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि पराली जलाने से मानसून के बाद के समय में एयर पॉल्यूशन बढ़ता है।
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