अब स्कूल की क्लास मे पीछे बैठने की ज़रूरत नहीं
चंडीगढ के स्कूलो ने अपनाया केरल के स्कूलो मे बैठने का पैटर्न
अन्य राज्यो को भी क्लास रूमों मे बच्चों के लिए यू शेप में बैठने की व्यवस्था को किया जाना चाहिए शुरू
चंडीगढ, 16 जुलाई (विश्ववार्ता) चंडीगढ़ ़ सेक्टर-19 के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और सेक्टर 12 के गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में बच्चों के लिए यू शेप में बैठने की व्यवस्था शुरू हुई है। मलयालम फिल्म स्थानार्थी श्रीकुट्टन से केरल में यह बदलाव शुरू हुआ। अब उसी से प्रेरित होकर चंडीगढ़ में नए सीटिंग अरेंजमेंट से बच्चे बहुत खुश हैं। सेक्टर-19 के स्कूल में बच्चों और शिक्षकों के साथ-साथ कर्मचारी भी खुश हैं। भविष्य में अन्य स्कूलों में भी ये व्यवस्था शुरू की जा सकती है।
केरल राज्य मे जिस तरह से स्कूलो के क्लास रूमोंं मे इस व्यवस्था को अपनाने से सकारात्मक परिणाम सामने आये है वही अब अन्य राज्यो जैसे पंजाब, हरियाण व देश के सभी स्कूलो के क्लास रूमों मे यू शेप मे बैठने की व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए जिससे कि हर बच्चे पर शिक्षक का फोकस बना रह सके। भविष्य में अन्य स्कूलों में भी ये व्यवस्था शुरू की जा सकती है।
बतां दे कि मलयालम बच्चों की फिल्म “स्थानार्थी श्रीकुट्टन” ने केरल के कई स्कूलों को छात्रों के बीच समानता को बढ़ावा देने के लिए गोलाकार बैठने की व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित किया है। यह बदलाव सार्थक शैक्षिक सुधारों को आगे बढ़ाने में सिनेमा की क्षमता को दर्शाता है।
2024 में रिलीज होने वाली यह फिल्म कक्षा में समानता के विचार को बढ़ावा देती है – एक ऐसी व्यवस्था जहां सभी छात्र समान स्तर पर भाग ले सकें। जिन स्कूलों ने इस गोलाकार या यू/वी आकार की बैठने की व्यवस्था शुरू की है, उनमें त्रिशूर में आरसीसी एलपीएस ईस्ट मंगद, पलक्कड़ में जीएचएसएस थोलानूर, कोल्लम में आरवीवी एचएसएस वालकोम और कन्नूर में पप्पिनिसेरी वेस्ट एलपी स्कूल शामिल हैं।
निर्देशक विनेश विश्वनाथ ने फिल्म के ठोस प्रभाव पर आश्चर्य और खुशी व्यक्त की
























