
दहेज प्रताड़ना के एक मामले की सुनवाई करते हुए Supreme Court ने की सख्त टिप्पणी
Supreme Court ने अपनाया तीखा रुख
चंडीगढ़, 29 मई (विश्ववार्ता) दहेज मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शादी के बाद किसी भी लड़के या उसके परिवार को बहू और उसके मायके वालों का अपमान करने का अधिकार नहीं है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि दहेज के लिए पैसे मांगना और फिर लड़की के परिवार को अपमानित करना गंभीर सामाजिक बुराई है। अदालत ने आरोपी पति और उसके परिवार को राहत देने से इनकार करते हुए जेल भेज दिया है। you call those from whom you take money beggars supreme court
अदालत ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि आप जिन लोगों से पैसे ऐंठते हैं, बाद में उन्हीं को भिखारी कहकर उनका अपमान करते हैं।” जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अब समाज में यह कड़ा संदेश जाना बेहद जरूरी हो गया है कि दुल्हन या उसके माता-पिता की बेइज्जती को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। इस सख्त रुख के साथ सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने आरोपी पति और उसके परिवार की राहत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें तुरंत जेल भेजने का आदेश जारी किया। Natianal Latest news,
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