भारत-अमेरिका समझौते के विरोध में आज Punjab समेत पूरे देश में किसान निकालेंगे मोटरसाइकिल मार्च
Sarwan Singh Pandher ने कहा- यह समझौता किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए है घातक
Punjab समेत कई राज्यों के किसान संगठन मार्च में शामिल होंगे
– समझौता रद्द न होने पर पहले से भी बड़े आंदोलन की चेतावनी
अमृतसर, चंडीगढ, 15 जुलाई, 2026 (विश्ववार्ता) किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश नेता सरवन सिंह पंढेर ने ऐलान किया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर आज पूरे देश में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का मकसद केंद्र सरकार को यह संदेश देना है कि किसान, मजदूर, कर्मचारी, छोटे व्यापारी और आम लोग इस समझौते को देश के हितों के खिलाफ मानते हैं।
पंढेर ने कहा कि आज पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिसमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन-पॉलिटिकल), आजाद किसान मोर्चा और दूसरे संगठन शामिल होंगे। इसके अलावा, हरियाणा में BKU शहीद भगत सिंह, BKU चढूनी और किसान-मज़दूर संघर्ष मोर्चा भी बड़े पैमाने पर हिस्सा लेंगे। राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई दूसरे राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन और मोटरसाइकिल या साइकिल मार्च निकाले जाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि भारत खेती के प्रोडक्ट्स के मामले में आत्मनिर्भर देश है और अनाज, दालें, सब्जियां, फल, फूल और तिलहन समेत लगभग हर ज़रूरी चीज़ यहीं पैदा होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे में विदेशों से खेती के प्रोडक्ट्स इंपोर्ट करने की ज़रूरत नहीं है। पंढेर के मुताबिक, अगर भारत-US एग्रीमेंट लागू होता है, तो अमेरिकी खेती के प्रोडक्ट्स भारतीय बाज़ारों में कम या ज़ीरो टैक्स पर आएंगे, जिससे देश के छोटे और मझोले किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में किसानों और खेती की कंपनियों को बड़े पैमाने पर सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत में ज़्यादातर किसान छोटी जोतों पर निर्भर हैं और ऐसे हालात में उनके लिए मुकाबला करना मुमकिन नहीं है। इस वजह से यह समझौता खेती के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।
सरवन सिंह पंढेर ने सभी देशवासियों से कल ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में मोटरसाइकिल मार्च में शामिल होने की अपील की और कहा कि अगर केंद्र सरकार भारत-US समझौता रद्द नहीं करती है, तो किसान संगठन पिछले किसान आंदोलन से भी बड़ा संघर्ष शुरू करने पर मजबूर होंगे।
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