
Prime Minister’s visit से पहले, Dr. Balbir Singh ने 780 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे नुकसान के विवरण साझा किए; तुरंत सहायता की मांग की
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश की व्यापक रिकवरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी से 20,000 करोड़ रुपये की तात्कालिक वित्तीय सहायता की अपील की
60,000 करोड़ रुपये के रोके हुए फंड तत्काल जारी करने की मांग को दोहराया
चंडीगढ, 8 सिंतबर (विश्ववार्ता) पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में Prime Minister’s के दौरे से पहले, पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Dr. Balbir Singh ने हाल ही में आए बाढ़ के कारण प्रदेश के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान का खुलासा करते हुए बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 780 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
पंजाब भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए, Dr. Balbir Singh ने कहा कि बाढ़ ने राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बड़ा झटका दिया है, जिससे राज्य भर में स्वास्थ्य सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। मंत्री के साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल और डायरेक्टर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. हितिंदर कौर भी मौजूद थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के नुकसान के बारे में बताते हुए कहा कि बाढ़ के कारण 130 करोड़ रुपये की दवाइयाँ नष्ट हो गईं हैं। इसके अलावा 1,280 डिस्पेंसरी और स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्र, 101 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और राज्य के 41 सब-डिवीजनल अस्पतालों में से 31 को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रारंभिक नुकसान लगभग 780 करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा, “इस भारी विनाश के बावजूद स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख सचिव से आशा वर्करों तक हर कोई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर सेवा कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि हमारी मेडिकल टीमें जरूरतमंद लोगों को हर संभव तरीके, चाहे एम्बुलेंस हों या कश्तियाँ या हेलीकॉप्टर की उपयोगिता से चिकित्सीय सहायता प्रदान करने को सुनिश्चित कर रही हैं।
Dr. Balbir Singh ने खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, जे.पी. नड्डा को पत्र लिख कर मारू प्रभाव का विवरण दे दिया है और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। अब मंगलवार को पंजाब दौरे पर आने वाले प्रधानमंत्री को उनकी सीधी अपील है कि पंजाब को बनती वित्तीय सहायता जल्दी से जल्दी दी जाए।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “पंजाब के ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य देखभाल की रीढ़ टूट गई है। इसमें सिर्फ इमारतें नहीं बल्कि जीवन-रक्षक उपकरण, आवश्यक दवाइयाँ और भारी नुकसान के कारण लाखों पंजाबियों की देखभाल एवं पुनर्वास भी शामिल है। हम प्रधानमंत्री के दौरे का स्वागत करते हैं, पर हमें एकजुटता की ज्यादा जरूरत है।” उन्होंने कहा कि हमें आवश्यक बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और व्यापक राज्य की रिकवरी के लिए कम से कम 20,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की तत्काल जरूरत है।
स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र द्वारा रोके गए 60,000 करोड़ रुपये के फंड को तुरंत जारी करने की प्रदेश सरकार की मांग को भी दोहराया, जो कि पंजाब की बाढ़ प्रभावित अर्थव्यवस्था की संपूर्ण रिकवरी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुनः सजीव हो रही आबादी और अर्थचारे के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली बहुत जरूरी है।
डॉ. बलबीर सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गैर-जिम्मेदाराना नजरिए पर भी सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री को पंजाब की दुर्दशा प्रति एक व्यापक, सहानुभूतिपूर्ण नजरिया अपनाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को सिर्फ जज़्बाती बातें या खोखले वादे नहीं, बल्कि सच्चाई पर आधारित ठोस कार्रवाई और तत्काल फंड की जरूरत है।
सरकार की वचनबद्धता की पुष्टि करते हुए, डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि आप की अगुवाई वाली पंजाब सरकार इस संकट दौरान लोगों के साथ डटकर खड़ी है और पंजाब के लिए एक मजबूत, अधिक प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की पुनः सर्जना के लिए आवश्यक राहत और सहायता प्राप्त करने के लिए डटकर वकालत करती रहेगी।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री द्वारा गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओ.) और वॉलंटियरों का भी निःस्वार्थ आगे आने और तन-मन से सहायता की पेशकश करने के लिए धन्यवाद किया गया।
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