संसद सत्र के पहले दिन ही हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
सदन में मुझे बोलने नहीं देते- राहुल गांधी
चंडीगढ, 21 जुलाई (विश्ववार्ता) संसद के मॉनसून सत्र का आगाज बेहद हंगामेदार रहा। आज सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगमा किया। तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए विपक्षी सांसदों ने ऑपरेशन सिंदूर पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। जिस समय यह सब हो रहा था, तब प्रश्नकाल चल रहा था। लोकसभा स्पीकर ने विपक्षी सांसदों से शांत होकर बैठने के लिए कहा, लेकिन जब वे लोग नहीं माने तो लोकसभा स्पीकर ने दोपहर तक के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के अलावा भी ऐसे कई मद्दे हैं, जिनपर विपक्ष चर्चा कराने की मांग कर रहा है। हालांकि, सरकार ने कहा है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
दरअसल राहुल गांधी ने कहा, “सवाल ये है कि सदन में रक्षा मंत्री को बोलने दिया जाता है, मतलब सरकार के लोगों को बोलने दिया जा रहा है लेकिन अगर विपक्ष का कोई नेता कुछ कहना चाहता है तो इसकी अनुमति नहीं है। मैं विपक्ष का नेता हूं मेरा हक है, मुझे कभी बोलने ही नहीं देते हैं, जबकि परंपरा कहती है कि यदि अगर सरकार की तरफ से लोग बोल सकते हैं, तो हमें भी बोलने की जगह मिलनी चाहिए।”
वहीं राहुल के पक्ष में आते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “अगर सरकार) तैयार है तो चर्चा करे। विपक्ष के नेता को बोलने से क्यों रोका जा रहा है। उन्हें (राहुल गांधी) को बोलने देना चाहिए। चर्चा दोनों तरफ से बोलने पर होती है। लेकिन सरकार यह नहीं चाहती। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “सरकार हर मुद्दे पर जवाब देना चाहती है। सदन चलाना चाहिए। सांसद यह ध्यान रखें कि वह यहां नारे लगाने नहीं आए हैं। सदन नियमों और विनियमों के अनुसार चलता है। नियमों के अनुसार उठाए गए सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।”























