Nepal flash flood: बिहार की गंडक नदी में पानी का लेवल बढ़ा
8 ज़िले हाई अलर्ट पर
चंडीगढ़, 27 अगस्त (विश्व वार्ता) नेपाल के रसुवा ज़िले में बाढ़ से हुई तबाही के बाद, बिहार की गंडक नदी में पानी का लेवल बढ़ने लगा है। आधी रात तक नेपाल की तरफ़ से करीब 1.5 लाख (150,000) क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बगहा में गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए गए हैं। आधी रात को बैराज से 1.52 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सुबह 6 बजे तक 88,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नेपाल में हुई तबाही की वजह से गंडक बैराज पर मलबा दिख रहा है। सेंट्रल वॉटर कमीशन के मुताबिक, इस बाढ़ के बाद गंडक नदी में 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, और अचानक बाढ़ का खतरा है। बिहार के आठ जिलों: वेस्ट चंपारण (बाघा), ईस्ट चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार के चीफ सेक्रेटरी प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग हुई, जिसमें सेंसिटिव जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, सीनियर पुलिस ऑफिसर और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए हिस्सा लिया।
मीटिंग में नेपाल के हालात और बिहार पर इसके संभावित असर का रिव्यू किया गया।
चीफ सेक्रेटरी ने अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया कि बचाव, निकासी और राहत के इंतज़ाम पहले से पूरे कर लिए जाएं और नदी का लेवल अचानक बढ़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा सके।
वेस्ट चंपारण (बेतिया), ईस्ट चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास सतर्कता के आदेश जारी किए गए हैं।
सीतामढ़ी और शिवहर के अधिकारियों को दूसरे कमज़ोर जिलों के साथ लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों को नदी के लेवल, तटबंधों, निचले इलाकों, पुलों, पुलियों और दूसरे कमज़ोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर रेगुलर नज़र रखने और किसी भी नुकसान या दबाव के संकेत मिलने पर तुरंत रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य ने पहले से ही अतिरिक्त इमरजेंसी रिसोर्स तैनात करना शुरू कर दिया है।
एक NDRF टीम गोपालगंज भेजी जा रही है, जबकि दूसरी मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय पर रहेगी।
लगभग दो घंटे के अंदर बेतिया में एक NDRF टीम तैनात करने का भी इंतज़ाम किया जा रहा है।
सशस्त्र सीमा बल के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल संजय सिंघल ने ज़रूरत पड़ने पर बेतिया में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRTs) और दूसरी मदद की उपलब्धता का भरोसा दिया है।
ज़िलों को भी काफ़ी संख्या में नावें, राहत शेल्टर और कम्युनिटी किचन तैयार रखने का निर्देश दिया गया है ताकि बिना देर किए लोगों को निकालने और राहत का काम शुरू किया जा सके।
वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट को गंडक बैराज और उसके कैनाल सिस्टम के ज़रिए पानी का सुरक्षित मैनेजमेंट पक्का करने का निर्देश दिया गया है।
इंजीनियरों और दूसरे अधिकारियों को लगातार नज़र रखने और बांधों और ज़रूरी वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर का रेगुलर इंस्पेक्शन करने के लिए कहा गया है।
नेपाल में गंडक जलाशय के अंदर, रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, लामजंग और तनहुन को हाई-रिस्क एरिया के तौर पर पहचाना गया है।
कोसी जलाशय में, दोलखा और सिंधुपालचोक को हाई-रिस्क एरिया के तौर पर क्लासिफाई किया गया है, जबकि कोसी, बागमती और गंडक जलाशयों के कई इलाकों में मीडियम रिस्क का अनुमान लगाया गया है।
बिहार सरकार ने ज़ोर देकर कहा है कि घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन कमज़ोर इलाकों के लोगों को अलर्ट रहना चाहिए और लोकल अधिकारियों द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को रोज़ाना मीडिया ब्रीफिंग करने और अफवाहों और गलत जानकारी को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर नज़र रखने के लिए कहा गया है।
लोगों से बाढ़ से जुड़ी जानकारी के लिए सिर्फ़ ऑफिशियल और भरोसेमंद सोर्स पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
























