Parliament Monsoon Session: आज मानसून सत्र का आखिरी दिन
विपक्ष को मतदाता सत्यापन पर हंगामे की उम्मीद
चंडीगढ़, 21 अगस्त: (विश्ववार्ता) Parliament Monsoon Session का आज आखिरी दिन है। सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ था। लेकिन विपक्षी सांसद बिहार एसआईआर पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। उनके विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों में पूरे दिन की कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
जब अमित शाह ने कल लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए, तो विपक्ष ने उनकी प्रतियां फाड़ दीं और गृह मंत्री पर कागज फेंके। इसके साथ ही, ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल, 2025, जो ऑनलाइन जुए पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाता है, लोकसभा द्वारा पारित कर दिया गया।
Parliament Monsoon Session
राज्यसभा में, असम के गुवाहाटी में देश के 22वें भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की स्थापना हेतु भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया गया। असम में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक, यानी कुल 32 दिनों तक चला। इस दौरान 18 बैठकें हुईं और 15 से ज़्यादा विधेयक पेश किए गए। स्वतंत्रता दिवस समारोह के कारण 13-14 अगस्त को संसद नहीं चली।
केंद्र सरकार ने मानसून सत्र में 8 नए विधेयक पेश किए, जबकि 7 लंबित विधेयकों पर चर्चा की। इनमें मणिपुर जीएसटी संशोधन विधेयक 2025, आयकर विधेयक, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक जैसे विधेयक शामिल हैं।
पूरे सत्र के दौरान केवल ऑपरेशन सिंदूर पर ही चर्चा हो सकी, जबकि दोनों सदनों में हंगामे के कारण कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे बाधित हुए, जिनमें सरकार के प्रस्तावित विकास भारत 2047 के लिए भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर विशेष चर्चा भी शामिल थी।
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने विपक्षी दलों के व्यवहार पर निराशा व्यक्त की है, जिसने न केवल संसदीय बहस में बाधा डाली, बल्कि उनके सदस्यों को कई महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने में भाग लेने के अवसर से भी वंचित कर दिया।
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