
Leh Violence : Sonam wangchuk पर NSA: गिरफ़्तार कर जोधपुर जेल भेजा गया,
लेह में लगातार चौथे दिन कर्फ्यू जारी
– राज्य के दर्जे को लेकर तीन दिन पहले भड़की थी हिंसा
लेह, चंडीगढ़, 27 सितंबर (विशवार्ता) लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Leh Violence) को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर उनके गाँव उल्याकटोपो से गिरफ़्तार कर लिया। उन्हें हवाई मार्ग से राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसके तहत बिना ज़मानत के लंबी अवधि तक हिरासत में रखा जा सकता है। leh violence nsa on sonam wangchuk
सरकार ने 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा के लिए वांगचुक को ज़िम्मेदार ठहराया था, जिसमें चार युवकों की मौत हो गई थी और 40 पुलिस अधिकारियों सहित 80 लोग घायल हो गए थे। अब तक 60 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।
Leh Violence
लेह में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। लगातार चौथे दिन कर्फ्यू (Leh Violence) लगा दिया गया है और स्कूल-कॉलेज बंद हैं। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ भी बंद कर दी हैं। प्रदर्शनकारी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की माँग कर रहे हैं। Leh Violence
शुक्रवार को घटनाक्रम अचानक बदल गया और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दोपहर 2:30 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आयोजकों को तब शक हुआ जब वह लेह नहीं पहुँचे। बाद में उनकी गिरफ्तारी की खबर आई। इसके बावजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। आयोजकों ने माना कि हंगामा बेकाबू हो चुके युवाओं ने किया था, लेकिन इसमें किसी विदेशी ताकत का हाथ नहीं था।
Leh Violence
लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के सह-अध्यक्ष शेरिंग दोरजे ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और CRPF ने न तो पानी की बौछारें कीं और न ही चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं, बल्कि अंधाधुंध गोलीबारी की (लेह हिंसा)। leh violence nsa on sonam wangchuk
सोनम वांगचुक को अंदेशा था कि सरकार उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। एक दिन पहले उन्होंने कहा था, “अगर मुझे कभी इस मुद्दे पर गिरफ्तार होना पड़ा तो मुझे खुशी होगी।” लेकिन अब, उनकी गिरफ्तारी से स्थिति शांत होने के बजाय और बिगड़ सकती है। Leh Violence
माना जा रहा है कि इससे लद्दाख के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच चल रही बातचीत पर असर पड़ सकता है। वांगचुक पिछले पाँच सालों से लद्दाख के अधिकारों की लड़ाई (लेह हिंसा) में एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी से जनभावनाएँ आहत हुई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि वांगचुक हिंसा भड़काने वाले नहीं हैं, बल्कि एक शांतिपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। leh violence nsa on sonam wangchuk
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