
Leh Violence: स्कूल-कॉलेज दो दिन के लिए बंद, अब तक 50 गिरफ्तार
– वांगचुक ने कहा, “मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है
– केंद्र सरकार ने वांगचुक के एनजीओ का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द किया
लेह, चंडीगढ़, 26 सितंबर (विशवार्ता) -Leh Violence के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 50 लोगों को गिरफ्तार किया है। अगले दो दिनों तक सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू लागू है। इस बीच, लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को कहा, “मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। लेह में हिंसा भड़काने के आरोप झूठे हैं। इससे स्थिति में सुधार नहीं होगा, बल्कि स्थिति और बिगड़ेगी।”
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि लेह में हुई हिंसा एक साज़िश थी। अब कारगिल में भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस बीच, सीबीआई ने वांगचुक के एनजीओ, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के खिलाफ विदेशी चंदा (FCRA) मामले की जाँच शुरू कर दी है। उनके एनजीओ का FCRA लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है। leh violence school college closed
Leh Violence
उनके एनजीओ, HIAL और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) पर विदेशी चंदा अधिनियम (FCRA) के उल्लंघन का आरोप है। दरअसल, 24 सितंबर को लेह में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर एक विरोध प्रदर्शन किया गया था। हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी और 80 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी और 30 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे।
सीबीआई की टीमें लद्दाख में डेरा डाले हुए हैं। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। सीबीआई की टीम एनजीओ के खातों और रिकॉर्ड की जाँच कर रही है। Leh Violence
इस मामले पर वांगचुक ने कहा कि लगभग दस दिन पहले, सीबीआई की एक टीम गृह मंत्रालय का एक आदेश लेकर उनसे मिलने आई थी, जिसमें कहा गया था कि उनके दोनों संस्थान विदेशी चंदा प्राप्त करने के लिए आवश्यक मंज़ूरी प्राप्त करने में विफल रहे हैं।
सोनम ने कहा कि उनके संस्थान विदेशी चंदे पर निर्भर नहीं हैं। दोनों ही गरीब बच्चों को मुफ़्त शिक्षा प्रदान करते हैं। एचआईएएल में छात्रों को परियोजनाओं पर काम करने के लिए वजीफ़ा भी दिया जाता है।






















