Karnataka मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को बड़ी राहत
Highcourt ने MUDA मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की खारिज
चंडीगढ़, 8 फरवरी (विश्ववार्ता) कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को बड़ी राहत देते हुए मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली कर्नाटक उच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ ने याचिका खारिज की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 27 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को मामले में पहला आरोपी बनाया गया था, जबकि उनकी पत्नी बी.एम. पार्वती को दूसरा आरोपी बनाया गया था।
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए याचिकाकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने इसे एक अस्थायी झटका बताया और कहा कि आदेश पत्र उपलब्ध होने के बाद अपील दायर की जाएगी। सिद्दारमैया पर आरोप है कि उन्होंने एमयूडीए के अधिग्रहित 3 एकड़ और 16 गुंटा भूमि के बदले में अपनी पत्नी के नाम पर 14 साइटों के लिए मुआवजा हासिल करने के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया।























