Haryana News: जाट आरक्षण आंदोलन मामले में कोर्ट ने 14 युवाओं को किया बरी
अलग अलग झडपो मे कुल इतने युवाओं की होगी थी मौत
चंडीगढ़, 14 फरवरी (विश्ववार्ता) वर्ष 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने खोखरी गांव के 14 युवाओं को बरी कर दिया है। यह मामला फरवरी 2016 से कोर्ट में विचाराधीन था। वर्ष 2016 में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदेश में जाट आंदोलन भडक़ गया था। उस दौरान प्रदेश के कई शहरों में दुकान, मकान समेत कई जगह तोड़-फोड़ हुई थी। कई जगह आग भी लगा दी गई थी। उस आंदोलन के लेकर जींद पुलिस ने 14 फरवरी 2016 को खोखरी गांव के 14 युवाओं पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पूजा सिंगला की अदालत ने सुनवाई करते हुए 14 आरोपी युवाओं को बरी कर दिया है।
गौरतलब है कि साल 2016 में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदेश में जाट आंदोलन भडक़ गया था। इस दौरान कई शहरों में दुकान, मकान समेत कई जगह तोड़-फोड़ हुई थी. वहीं कई जगह आग भी लगा दी गई थी. इस आंदोलन के लेकर पुलिस ने 14 फरवरी 2016 को खोखरी के 14 युवाओं पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था. तभी से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था. मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पूजा सिंगला की अदालत ने सुनवाई करते हुए 14 युवाओं को बरी कर दिया है।
बतां दे कि खुद को ओबीसी समुदाय का दर्जा दिए जाने या फिर विशेष कोटे की मांग करते हुए जाट समुदाय के लोग 2016 में सडक़ पर उतर आये थे. बाद ये आंदोलन हिंसक हो गया. कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सेना को बुलाना पड़ा. कई जगह झड़प हो गई और करीब 30 युवाओं की मौत हो गई थी।






















