CDS ने पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष में विमान के नुकसान की बात मानी
हमारे जेट गिरे, लेकिन गलती सुधार पाकिस्तान के भीतर तक किया वार
CDS के बयान के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
चंडीगढ़, 1 जून (विश्व वार्ता) ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (जनरल अनिल चौहान ने पहली बार यह आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 7 मई को हुए सैन्य संघर्ष में भारतीय वायुसेना के कुछ लड़ाकू विमान गए थे।
सीडीएस ने नुकसान का ब्योरा देने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तानी क्षेत्र में काफी अंदर तक हमला किया। भारत ने कहा कि इन सटीक हमलों के बाद पाकिस्तान सैन्य संघर्ष रोकने की गुहार लगाने के लिए मजबूर हुआ। सीडीएस की यह टिप्पणी पड़ोसी देश के साथ चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष में नुकसान के बारे में भारतीय सेना की पहली स्पष्ट स्वीकारोक्ति है।
जनरल चौहान की टिप्पणी के कुछ घंटों बाद कांग्रेस ने सरकार से कहा कि वह देश को सच-सच बताए कि पाकिस्तान के साथ चार दिन तक सैन्य टकराव में कितना नुकसान हुआ। कांग्रेस नेता उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि विशेष रूप से सीडीएस की स्वीकृति के मद्देनजर देश यह जानना चाहता है कि क्या सैन्य टकराव के दौरान कोई विमान गिराया गया था।
सरकार से स्पष्टता की मांग करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘1999 में तत्कालीन वाजपेयी सरकार ने भारत के रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ के. सुब्रमण्यम, जिनके पुत्र अब हमारे विदेश मंत्री हैं, की अध्यक्षता में कारगिल समीक्षा समिति का गठन किया था। यह कारगिल युद्ध समाप्त होने के ठीक तीन दिन बाद की बात है।’
























