lifestyle : पंजाब के लोगों के लिए गर्मी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी
सेहत विभाग ने जारी की Advisory, जरा संभल कर…
चंडीगढ़, 7 अप्रैल (विश्व वार्ता) सिविल सर्जन डॉ. चंद्र शेखर कक्कड़ ने जिला निवासियों को गर्मी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि गर्म हवाएं न केवल हमारी प्यास बढ़ाती हैं बल्कि हमारे शरीर, विशेषकर हमारी आंखों और त्वचा को भी पूरी तरह झुलसा देती हैं।
जब बहुत अधिक गर्मी पड़ती है, तो हमारा शरीर पसीने के रूप में गर्मी छोड़ता है और तापमान को नियंत्रण में रखता है। जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है।एक निश्चित सीमा के बाद हमारे शरीर का यह सिस्टम काम करना बंद कर देता है और शरीर बाहर के तापमान जितना गर्म हो जाता है। जिसे हीटस्ट्रोक या तापघात कहते हैं।
लोग आमतौर पर इसे हल्के में लेते हैं। बच्चों से लेकर वयस्कों तक, मोटापे से पीड़ित लोगों, हृदय रोगियों, शारीरिक रूप से कमजोर लोगों और शरीर के रसायनों या रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली कुछ दवाएं लेने वाले लोगों को हीटस्ट्रोक का सबसे अधिक खतरा होता है। इसके अलावा मजदूर वर्ग, दैनिक वेतन भोगी, सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बेघर लोग भी जल्दी इसके शिकार बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को हीटस्ट्रोक का अधिक खतरा होता है।
लू से बचाव के लिए पानी अधिक मात्रा में पीये, तरल पेय पदार्थ जैंसे छाछ, लस्सी, मठ्ठा, फलों का जूस का सेवन अधिक करे। बच्चें, बुजूर्ग एवं बीमार व्यक्ति घर से बाहर कम निकलें। विशेषत: दोपहर में 12 से 4 बजे तक घर से बाहर ना जाएं। धूप में निकलने से पहले सर एवं कानों को अच्छी तरह से ढक ले। गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती हल्के ढीले ढाले सूती कपडे पहने। लू प्रभावित व्यक्ति को अधिक पानी का सेवन व पेय पदार्थ जैसे आम का पना एवं जलजीरा आदि पीलाएं तथा किसी छायादार व ठंडी जगह पर लेटाएं। लू प्रभावित व्यक्ति को ओ.आर.एस. का घोल पीलाये एवं ठंडे पानी की पट्टी रखे, डॉक्टर को दिखाये या 108 एम्बूलेंस को कॉल करे।























