
सेहतनामा: बच्चों के लिए दूध है एनर्जी का भंडार
दूध में शामिल करें इन चीजों को बनेगा हेल्दी और स्वादिष्ट
चंडीगढ, 16 जुलाई (विश्ववार्ता) दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है, इसलिए हममें से ज़्यादातर लोग अपने बच्चों के आहार में दूध ज़रूर शामिल करते हैं। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल जैसे कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। यह बच्चों की हड्डियों को मज़बूत बनाने के साथ-साथ उनके संपूर्ण विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। लेकिन अगर आप दूध के गुणों को बढ़ाना चाहते हैं, तो इसे सादा देने की बजाय, इसमें कुछ चीज़ें मिलाकर बच्चों को दें। इससे आपके बच्चों की हड्डियाँ काफ़ी मज़बूत होंगी। साथ ही, उनका शारीरिक विकास भी बेहतर होगा। आइए जानते हैं कि बच्चों को दूध में कौन सी चीज़ें मिलाकर देनी चाहिए?
दूध में बादाम पाउडर मिलाएँ
अगर आप अपने बच्चों को रात में सोने से पहले दूध दे रहे हैं, तो उसमें 1 छोटा चम्मच बादाम पाउडर ज़रूर मिलाएँ (बच्चों के लिए दूध में कौन सा पाउडर मिलाना सबसे अच्छा है)। इसमें विटामिन ई के साथ-साथ प्रोटीन और हेल्दी फैट भी होता है, जो बच्चों की हड्डियों को मज़बूत बनाने के साथ-साथ उनकी स्मरण शक्ति भी बढ़ाता है। इसके लिए 2-3 भीगे हुए बादाम को पीसकर दूध में मिलाएँ। इससे बच्चे का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य काफी हद तक बेहतर होता है।
बच्चों के दूध में अखरोट मिलाएँ
बच्चों को दूध देने से पहले, उसमें थोड़ा सा अखरोट मिलाएँ। अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दिमाग के विकास के लिए ज़रूरी हैं। अगर आप नियमित रूप से अपने बच्चों के दूध में अखरोट मिलाकर देते हैं, तो इससे बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है और उनकी हड्डियाँ मज़बूत होती हैं।
अंजीर और दूध बच्चों के लिए सबसे अच्छे हैं
दूध और अंजीर का मिश्रण आपके बच्चों के लिए बहुत अच्छा है। अंजीर में फाइबर, कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में होता है। रात को सोने से पहले बच्चों के दूध में 1 से 2 अंजीर उबालकर पिलाएँ। इससे बच्चों की हड्डियाँ मज़बूत होने के साथ-साथ पाचन क्रिया भी बेहतर होती है।
दूध और खजूर बच्चों को सेहतमंद बनाते हैं
दूध और खजूर भी आपके बच्चों के लिए बहुत अच्छे हैं। खजूर में कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम होता है, जो बच्चों की हड्डियों और मांसपेशियों की मज़बूती बढ़ा सकता है। बच्चों को नियमित रूप से दूध में खजूर मिलाकर देने से वे ऊर्जावान बने रहते हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है।























