पंजाब सरकार ने महिला सशक्तिकरण को दी नई जान : Dr. Baljit Kaur
मुख्यमंत्री Mothers and Daughters Satkar Yojana के तहत 65 लाख से ज़्यादा महिलाओं को सीधी आर्थिक मदद से सम्मान और नया आत्मविश्वास मिला;
विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा द्वारा विधानसभा में पेश किया गया महिला सशक्तिकरण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से हुआ पास
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने अपना दिया पूरा समर्थन
सशक्तिकरण का असली आधार शिक्षा, मौके, एक्सपोज़र और आत्मविश्वास है; पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए नया माहौल बनाया है।
महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर लाकर सामाजिक रुकावटों को तोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया: डॉ. बलजीत कौर
चंडीगढ, 10 अगस्त, 2026 (विश्ववार्ता) पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज MLA डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा से मुलाकात की। अमनदीप कौर अरोड़ा द्वारा पेश किए गए महिला सशक्तिकरण पर प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से पास किया है, जो महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समानता के प्रति पूरे सदन की मिली-जुली प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री माँ-बेटी सत्कार योजना के तहत 65 लाख से ज़्यादा महिलाओं को सीधी आर्थिक मदद देकर पंजाब सरकार ने महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ़ महिलाओं को आर्थिक मदद देना ही नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में आत्म-सम्मान, आत्मविश्वास और एक स्वतंत्र पहचान दिलाना भी है। प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने महिला सशक्तिकरण को सिर्फ़ कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि ऐसा सामाजिक माहौल बनाया है, जिसकी वजह से महिलाएं शिक्षा, रोज़गार, मौकों और आत्मविश्वास के बल पर ज़िंदगी के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।Dr. Baljit Kaur
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का असली आधार शिक्षा, समान मौके, एक्सपोज़र और आत्मविश्वास है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर समाज को समझने, अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने और नए अनुभव हासिल करने का मौका मिलता है, तो वे ज़्यादा आत्मनिर्भर और काबिल बनती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने सामाजिक रुकावटों को तोड़कर महिलाओं के लिए नए मौके बनाए हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने महिलाओं को न सिर्फ़ सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाया है, बल्कि उन्हें विकास के सफ़र में भी बराबर का हिस्सेदार बनाया है। महिलाओं के लिए रोज़गार के समान मौके पक्का करने, आंगनवाड़ी वर्करों की भर्ती में तेज़ी लाने और अलग-अलग सेक्टर में उनकी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए लगातार कोशिशें की गई हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ़्त बस सफ़र की सुविधा को असरदार तरीके से जारी रखने का मकसद सिर्फ़ आने-जाने की सुविधा देना ही नहीं है, बल्कि उन्हें पढ़ाई, रोज़गार और सामाजिक जीवन में ज़्यादा हिस्सा लेने के लिए बढ़ावा देना भी है। इसी तरह, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम में बड़ी संख्या में बुज़ुर्ग महिलाओं का शामिल होना इस बात का सबूत है कि मौका मिलने पर महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे आती हैं।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का मतलब सिर्फ़ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि एक ऐसा समाज बनाना है जहाँ हर लड़की और महिला को सुरक्षा, सम्मान, बराबर मौके और अपनी काबिलियत को बढ़ाने के लिए अच्छा माहौल मिले। पंजाब सरकार की नीतियाँ इसी सोच को असल रूप दे रही हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार बदलने पर अक्सर जनहित की योजनाएँ बंद हो जाती हैं, लेकिन पंजाब सरकार ने न सिर्फ़ जनकल्याण की योजनाओं को जारी रखा है, बल्कि उन्हें और असरदार भी बनाया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री माँ-बेटी सत्कार योजना के तहत अब तक 65 लाख से ज़्यादा महिलाओं को सीधी आर्थिक मदद दी जा चुकी है और बाकी योग्य महिलाओं को रजिस्टर करने का काम भी जारी है। उन्होंने कहा कि यह स्कीम सिर्फ़ ₹1000 और ₹1500 की फ़ाइनेंशियल मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्म-सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान को मज़बूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
उन्होंने कहा कि कई महिलाओं ने ज़िंदगी भर अपने परिवार की ज़िम्मेदारियों को प्राथमिकता दी है और अपनी ज़रूरतों को पीछे छोड़ दिया है। माँ-बेटी सम्मान स्कीम ऐसी महिलाओं को अपनी पहचान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका दे रही है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अभी सरकारी चिल्ड्रन होम में 215 बच्चे रह रहे हैं, जिनमें से 157 लड़कियाँ और 58 लड़के हैं। इसी तरह, ऑब्ज़र्वेशन होम में 495 लड़के और सिर्फ़ 5 लड़कियाँ हैं। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से साफ़ है कि लड़कियों को सुरक्षा, सम्मान और समान मौके देने के लिए लगातार कोशिशों की ज़रूरत है और पंजाब सरकार इस दिशा में पूरे पक्के इरादे से काम कर रही है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि केंद्र की BJP सरकार में फाइनेंस मिनिस्टर भी एक महिला हैं, लेकिन इसके बावजूद नेशनल लेवल पर ऐसी कोई बड़ी स्कीम नहीं लाई गई, जिससे बड़े पैमाने पर महिलाओं को सीधी फाइनेंशियल मदद देकर उनके आत्म-सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री मां-बेटी सम्मान स्कीम पूरे देश के लिए एक अनोखी मिसाल बनकर उभरी है।
विधानसभा में चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री स. तरुणप्रीत सिंह सौंद ने महिला सशक्तिकरण, सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स की आर्थिक मजबूती और महिलाओं के लिए बनाए गए नए मौकों में पंजाब सरकार की उपलब्धियों के बारे में डिटेल में बताया। इस मौके पर MLA इंदरजीत कौर, डॉ. अमनजोत कौर, जीवनजोत कौर, नरिंदर कौर भारज और सर्वजीत कौर मानूके ने भी महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए पंजाब सरकार की कोशिशों पर अपने विचार शेयर किए।
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