
Life Style : diabetes patients की हड्डियां हो रही कमजोर और खोखली, विशेषज्ञों ने किया बड़ा खुलासा
नर्व हड्डियों के लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यों होती हैं ?
चंडीगढ, 18 जनवरी, 2026 (विश्ववार्ता) diabetes मरीजों को यह मानकर निश्चिंत नहीं हो जाना चाहिए कि बोन मिनरल डेंसिटी रिपोर्ट ठीक है तो हड्डियां सुरक्षित हैं। शुगर को लंबे समय तक नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टर की सलाह से जरूरत पड़ने पर ट्रैबेक्युलर बोन स्कोर जैसी उन्नत जांच करानी चाहिए। कैल्शियम, विटामिन-डी, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को जीवनशैली में शामिल करना चाहिए और गिरने से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। diabetes patient
दरअसल, कई शोधकर्ताओं ने लंबे समय से यह नोटिस कियी है कि डायबिटीज से तंत्रिका क्षति (जिसे डायबिटिक पेरिफेरल न्यूरोपैथी या डीपीएन कहा जाता है) वाले लोगों की हड्डियां भी ज्यादा टूटती हैं. अब तक, इसका कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं था. लेकिन जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में डॉ. आरोन जेम्स के नेतृत्व में किए गए एक नए अध्ययन में पाया गया है कि क्षतिग्रस्त तंत्रिकाएं वास्तव में आपकी हड्डियों की मजबूत बने रहने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। diabetes patient
रिसर्च टीम ने अध्ययन के लिए यंग मेल चूहों का इस्तेमाल किया और उन्हें टाइप 2 डायबिटीज का अनुकरण करने के लिए हाई फैट वाला डाइट खिलाया. समय के साथ,चूहों में डायबिटीज के सभी सामान्य लक्षण विकसित हो गए, जिनमें वजन बढ़ना, हाई ब्लड शुगर और तंत्रिका क्षति शामिल थी. लेकिन एक और बात भी दिखाई दी: चूहों की हड्डियों में नर्व फाइबर कम होने लगा. यह एक बड़ा आश्चर्य था. चूहों की लंबी हड्डियों में तंत्रिका घनत्व में 76 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
बता दें, अगर आपका ब्लड शुगर लेवल लगातार हाई रहता है, तो आपकी हड्डियां अधिक कमजोर होंगी और चोट लगने पर टूटने की संभावना ज्यादा होगी. सामान्य लोगों की तुलना में डायबिटीज (टाइप 1 और टाइप 2 दोनों) के रोगियों में कूल्हे के फ्रैक्चर का जोखिम सात गुना ज्यादा होता है. इसलिए, मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपनी हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, ताकि वे लंबे समय तक अनकंट्रोल डायबिटीज के कारण होने वाली मस्कुलोस्केलेटल असुविधाओं से बच सकें।
जानकारी के अनुसार, स्वस्थ तंत्रिकाएं विशेष रासायनिक संकेत (जैसे VEGFA, BDNF, और CGRP) भेजती हैं जो अस्थि कोशिकाओं के विकास और मरम्मत में मदद करते हैं. डायबिटीज रोगियों में, ये संकेत अस्थि निर्माण कोशिकाओं को एक्टिव रहने का निर्देश देते हैं. लेकिन डायबिटीज में, जब तंत्रिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, तो ये संकेत कमजोर हो जाते हैं या गायब हो जाते हैं. इस तंत्रिका के बिना बोन कम्युनिकेशन, बोन रिपेयर सिस्टम पटरी से उतर जाती है. नई हड्डी बनाने के बजाय, कुछ कोशिकाएं वास्तव में फैट सेल्स में बदलने लगती हैं. साथ ही, शरीर कई अन्य महत्वपूर्ण मार्गों को बंद कर देता है जो सामान्य रूप से हड्डियों के निर्माण और विघटन (Creation and dissolution) को संतुलित करने में मदद करते हैं। diabetes patient
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