‘मोबाइल और माइक लेकर कोई बन रहा Reporter, Delhi High Court की बड़ी टिप्पणी
“हाथ में मोबाइल, गले में ID, माइक पर अपना नाम और Facebook पर एक पेज… बस पत्रकार तैयार
चंडीगढ, 19 जुलाई, 2026 (विश्ववार्ता) दिल्ली हाई कोर्ट ने डिजिटल पत्रकारिता पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि आज मोबाइल और माइक्रोफोन रखने वाला लगभग हर व्यक्ति खुद को रिपोर्टर बताने लगा है.। हाई कोर्ट ने प्रेस की स्वतंत्रता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए कहा कि इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार को ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करना चाहिए, जो मीडिया की आजादी बनाए रखते हुए पेशेवर जवाबदेही, नैतिक मानकों और नागरिक अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित करे। mobile reporters
एक मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर चिंता जताते हुए कहा कि आज स्थिति ऐसी हो गई है कि “हाथ में मोबाइल, गले में आईडी, माइक पर अपना नाम और फेसबुक पर एक पेज… बस पत्रकार तैयार।”
अदालत ने कहा कि कई मामलों में न पत्रकारिता की पढ़ाई होती है, न प्रशिक्षण, न संपादकीय निगरानी और न ही तथ्यों की उचित जांच, लेकिन सवाल ऐसे पूछे जाते हैं मानो लोकतंत्र की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर हो।
हाई कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि जब डॉक्टर, वकील और इंजीनियर बनने के लिए निर्धारित योग्यता और लाइसेंस आवश्यक हैं, तो पत्रकारिता को ऐसा पेशा क्यों माना जाए, जिसमें कोई भी स्वयं को पत्रकार घोषित कर दे। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि कुछ नेता और राजनीतिक दल ऐसे “मोबाइल पत्रकारों” को प्राथमिकता देने लगे हैं, क्योंकि वे बिना तथ्यों की पुष्टि और बिना दूसरे पक्ष का पक्ष जाने सीधे कैमरा ऑन कर देते हैं, जिससे सामग्री तेजी से वायरल हो जाती है। mobile reporters
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