
Kejriwal को बरी करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर Delhi High Court करेगा सुनवाई
नई दिल्ली, चंडीगढ़, 31 मार्च, (विश्व वार्ता) दिल्ली हाई कोर्ट बुधवार को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट ने एजेंसी द्वारा फरवरी और मार्च 2024 में दायर दो मामलों में बरी कर दिया था। ये मामले दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले की जांच के दौरान फेडरल एजेंसी के समन को नज़रअंदाज़ करने के आरोपों पर आधारित थे। अपनी याचिका में ट्रायल कोर्ट के 22 जनवरी के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसकी सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी। Delhi High Court
ट्रायल कोर्ट ने 22 जनवरी को मामले में अपना फैसला सुनाया था। अपनी अपील याचिका में, ED ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन से बचने और जांच में भाग न लेकर आदेशों का उल्लंघन किया। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने समन के जवाब में फालतू आपत्तियां उठाईं और जानबूझकर जांच में भाग न लेने के बहाने बनाए। केजरीवाल को बरी करते हुए ट्रायल कोर्ट ने कहा कि ED यह साबित करने में नाकाम रही कि केजरीवाल ने जानबूझकर उन्हें जारी समन का उल्लंघन किया। ED ने आरोप लगाया कि मामले में दूसरे आरोपी केजरीवाल के संपर्क में थे और इस वजह से आम आदमी पार्टी को उनसे गलत फायदे और रिश्वत मिली। delhi high court to hear plea kejriwals acquittal
प्रॉसिक्यूशन यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपियों ने जानबूझकर समन का उल्लंघन किया। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी ने कहा था कि उन्होंने केजरीवाल द्वारा बताए गए कारण की समय सीमा खत्म होने के बाद ही आरोपियों को अगला समन जारी किया, जिसका मतलब है कि वह बस इसके खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़े एक मामले में केजरीवाल, पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर मनीष सिसोदिया और 21 अन्य को बरी कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देने वाली एक अपील हाई कोर्ट में पेंडिंग है और इस पर 6 अप्रैल को सुनवाई होनी है। Delhi High Court
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