
Punjab News: Cyber Cafe मालिकों के लिए नए आदेश जारी, पढ़ें विवरण
-Cyber Cafe का उपयोग करते समय पहचान पत्र अनिवार्य
बरनाला, 20 सितंबर (विश्व वार्ता): बरनाला (पंजाब) के ज़िला मजिस्ट्रेट टी. बेनिथ ने ज़िले के साइबर कैफ़े मालिकों के लिए नए आदेश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना पहचान पत्र के साइबर कैफ़े का उपयोग करने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि साइबर कैफ़े का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड रखने के लिए एक विशेष रजिस्टर बनाया जाए और आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को रजिस्टर में अपना नाम, पता, टेलीफ़ोन नंबर और उद्देश्य स्वयं अपने हाथ से दर्ज करना होगा और हस्ताक्षर भी अनिवार्य होंगे। punjab new orders for cyber cafe owners
उन्होंने बताया कि कैफ़े का उपयोग करने वाले व्यक्ति की पहचान कैफ़े मालिक द्वारा उसके पहचान पत्र, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और फोटो क्रेडिट कार्ड से की जाएगी। गतिविधि सर्वर का रिकॉर्ड कम से कम छह महीने तक मुख्य सर्वर में रखा जाएगा। कैफ़े में आने वाले किसी भी व्यक्ति के बारे में कोई भी संदेह होने पर कैफ़े मालिक तुरंत पुलिस को सूचित करेगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा उपयोग किए जाने वाले विशिष्ट कंप्यूटर का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। उपरोक्त आदेश 14 नवंबर, 2025 तक प्रभावी रहेंगे। punjab new orders for cyber cafe owners
इसके अतिरिक्त, जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कहा कि भूमि मालिकों को कुआँ/बोरहोल खोदने के लिए 15 दिन पहले अतिरिक्त उपायुक्त (विकास), बरनाला से लिखित स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुएँ खोदने, मरम्मत करने वाली सभी एजेंसियों, जैसे सरकारी/अर्ध-सरकारी/निजी आदि को कार्यकारी अभियंता, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग और शहरी क्षेत्रों में कार्यकारी अभियंता, जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा और कोई भी एजेंसी बिना पंजीकरण/लिखित स्वीकृति के कुएँ नहीं खोदेगी। उन्होंने कहा कि संबंधित मालिक को कुआँ खोदने वाली जगह के पास साइनबोर्ड पर एजेंसी का पता और अपना पता लिखना आवश्यक होगा और बोरिंग वाली जगह पर कांटेदार तार या कोई बैरिकेड लगाना आवश्यक होगा। यदि पंप की मरम्मत करनी है, तो कुआँ या बोर को खुला नहीं छोड़ा जाएगा।
कुएँ/बोर के ढक्कन को नट-बोल्ट से केसिंग पाइप में फिक्स किया जाना चाहिए। कुएँ/बोर के निर्माण के बाद, उसके तल पर ज़मीन से ऊपर सीमेंट और कंक्रीट का एक पक्का चबूतरा बनाया जाना चाहिए। पंप की मरम्मत की स्थिति में, कुएँ के बोर को खुला नहीं छोड़ा जाएगा। बोर के बाद गड्ढे को मिट्टी से अच्छी तरह भर दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बंद किया गया कुआँ या बंद किया जा चुका बोर नीचे से ऊपर तक बारीक मिट्टी/पत्थर/कंक्रीट आदि से अच्छी तरह भर दिया जाए। बोर खुदाई का काम पूरा होने के बाद, ज़मीन की पुरानी स्थिति बहाल करना ज़रूरी होगा। उन्होंने बताया कि डीडीपीओ बरनाला सभी जिलों के बोर/कुओं की जानकारी सरपंचों से एकत्रित करके अपने कार्यालय में तैयार रखेंगे।
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