
Chief Minister’s Health Scheme के तहत पंजाब हर परिवार को 10 लाख रुपये वार्षिक कैशलेस स्वास्थ्य कवर देने वाला देश का पहला राज्य बना: Dr. Balbir Singh
30 लाख से अधिक सेहत कार्ड पंजीकृत; 65 लाख परिवारों तक सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का लक्ष्य: Dr. Balbir Singh
पंजाब बजट 2026–27 में 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा को सरकार की प्राथमिकता के रूप में स्थापित करता है: Dr. Balbir Singh
चंडीगढ़, 31 मार्च, (विश्व वार्ता) सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब सरकार देश की पहली सरकार बन गई है जो Chief Minister’s Health Scheme के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान कर रही है। यह योजना पीएम-जेएवाई के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये कवर को दोगुना करती है और पात्रता को सभी निवासियों तक विस्तारित करती है।
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, राज्य में अब तक 30 लाख से अधिक सेहत कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिससे पंजाब की लगभग आधी आबादी को सुनिश्चित स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है। यह व्यापक पंजीकरण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में योजना की मज़बूत स्वीकृति को दर्शाता है, जहां परिवार सक्रिय रूप से इसका लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं।
इस प्रतिबद्धता को और मज़बूत करते हुए, भगवंत मान सरकार ने पंजाब बजट 2026–27 में इस योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो स्वास्थ्य सेवा को शासन की प्राथमिकता के रूप में स्थापित करता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जी के नेतृत्व में हुए इस परिवर्तन को रेखांकित करते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Dr. Balbir Singh ने कहा, “30 लाख से अधिक सेहत कार्ड पंजीकृत होने के साथ, पंजाब सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में एक नया मानदंड स्थापित कर रहा है। पंजाब देश का पहला राज्य हैं जो हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का सार्वभौमिक, कैशलेस इलाज प्रदान कर रहा है। इससे न केवल आर्थिक बाधाएं कम हो रही हैं, बल्कि हर नागरिक को गरिमा, पहुंच और समय पर इलाज की सुनिश्चितता भी मिल रही है।”
इस तेज़ विस्तार के पीछे गांवों, मंडियों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, फैक्ट्रियों और सामुदायिक स्थलों पर आयोजित सेहत शिविरों के माध्यम से व्यापक ज़मीनी स्तर पर अभियान चलाया गया है। सेवा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटरों पर निरंतर पंजीकरण के साथ-साथ घर-घर पहुंच बनाकर विभिन्न आय वर्गों और क्षेत्रों तक योजना की पहुंच सुनिश्चित की गई है।
जैसे-जैसे योजना का दायरा बढ़ रहा है, इसके उपयोग के आंकड़े वास्तविक प्रभाव को दर्शा रहे हैं। जिन उपचारों का सबसे अधिक लाभ लिया जा रहा है उनमें डायलिसिस, एंजियोप्लास्टी जैसे हृदय संबंधी उपचार, घुटना प्रत्यारोपण जैसी अस्थि सर्जरी, कैंसर उपचार तथा दुर्घटनाओं और पशु काटने जैसी आपात स्थितियों वाली चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।
इस योजना का लाभ सभी आयु वर्गों और गंभीर परिस्थितियों में भी देखने को मिला है। श्री मुक्तसर साहिब में एक 1 वर्षीय बच्ची को समय पर निमोनिया का इलाज मिला, वहीं मोगा में 98 वर्षीय महिला को कीमोथेरेपी से संबंधित उपचार उपलब्ध कराया गया। इसी तरह, मानिकपुर की सुखविंदर कौर को गंभीर हृदय रोग के लिए तत्काल स्टेंट डालने की आवश्यकता पड़ी, जिसकी अनुमानित लागत 3–4 लाख रुपये थी, जिसे पूरी तरह योजना के तहत कवर किया गया।
इन सभी मामलों में बिना किसी देरी के इलाज शुरू हुआ, जो दर्शाता है कि सेहत कार्ड विभिन्न आयु वर्गों और चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए तुरंत कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रहा है।
900 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों तथा 2,300 से अधिक उपचार पैकेजों के माध्यम से लाभार्थियों को अपने घर के नज़दीक ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। अब तक योजना के तहत लगभग 2 लाख उपचार, जिनकी कुल लागत 300 करोड़ रुपये से अधिक है, प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें 43,000 से अधिक सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं।
जैसे-जैसे पंजीकरण 65 लाख परिवारों के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक मज़बूत स्तंभ बनकर उभर रही है और सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज के स्तर और दायरे दोनों में राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रही है।






















