Punjab: पंथ से निकाले जाने के बाद अमरजीत चावला का बड़ा बयान
अमृतसर, 21 सितंबर (विश्व वार्ता): Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee के सदस्य और अकाली दल के नेता अमरजीत सिंह चावला ने फेसबुक पर लाइव होकर पंथ से निकाले जाने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। पंथ से निकाले जाने के बाद अमरजीत चावला ने कहा कि फैसले से पहले जत्थेदार साहिबान को मेरा पक्ष सुनना चाहिए था। किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उसका पक्ष सुना जाना चाहिए, लेकिन उनके साथ ऐसा नहीं हुआ।
पंथ के लिए अपनी 35 साल की सेवा का हवाला देते हुए चावला ने कहा कि उनके लंबे समय से दिए जा रहे योगदान को नजरअंदाज किया गया है। चावला ने कहा कि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और बयान दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद बिना किसी जांच के उनके खिलाफ जल्दबाजी में फैसला सुनाया गया। उन्होंने पूर्व अकाली नेता सुच्चा सिंह लंगाह के मामले का हवाला दिया। वीडियो सबूत के बावजूद अकाल तख्त साहिब ने उस मामले में जांच कमेटी बना दी। चावला ने पूछा कि ऐसी कोई कमेटी अभी तक क्यों नहीं बनाई गई और उनके केस की जांच क्यों नहीं की गई।
चावला ने साफ किया कि वह किसी भी जांच से पीछे नहीं हट रहे हैं। अगर निष्पक्ष जांच में उनका गुनाह साबित होता है, तो वह कोई भी नतीजा भुगतने के लिए तैयार हैं। Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee
आपको बता दें कि यह मामला बहरीन की एक महिला से जुड़ा है, जो काफी समय से श्री आनंदपुर साहिब में रह रही थी। महिला ने चावला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि चावला उसे अलग-अलग शराबखानों/कमरों में ले गया, बंधक बनाया और कई बार रेप किया। जब उसने विरोध किया, तो उसे धमकाया गया, और उसने आत्महत्या की भी कोशिश की, लेकिन एक नौकर ने उसे अस्पताल पहुंचाया और बचा लिया।
और खबरें पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://wishavwarta.in/























