पंचतत्व में विलीन हुए परविंदर झोटा
– बड़े बेटे और पिता ने दी चिता को मुखाग्नि
मानसा: 8 नवंबर 2026 (विश्व वार्ता): मानसा में मारे गए एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का आज, 8 नवंबर को दिवाली के दिन अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े बेटे और पिता भीम सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। हत्या के करीब 26 दिन बाद 13 अक्टूबर को उनका अंतिम संस्कार किया गया था। Eldest Son and Father Light the Funeral Pyre
परविंदर झोटा का शव चकेरियां रोड पर उनके पुश्तैनी खेत में ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले, 7 नवंबर को PGI, चंडीगढ़ में पोस्टमॉर्टम प्रोसेस पूरा होने के बाद आज सुबह 5 बजे शव परिवार को सौंप दिया गया था। चंडीगढ़ से मानसा तक के सफर में जगह-जगह लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इस मौके पर लोगों ने फूल बरसाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
आज परविंदर झोटा के श्मशान घाट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। लोगों ने नम आंखों से परविंदर झोटा को अंतिम विदाई दी।
दूसरी ओर, परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह पिछले दो दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि पंजाब सरकार उनके बेटे के अंतिम संस्कार से पहले मानसा SSP वैभव चौधरी का ट्रांसफर करे। भीम सिंह ने आरोप लगाया कि SSP के ड्रग्स रोकने में नाकाम रहने की वजह से उनके बेटे की हत्या हुई। उन्होंने कहा कि जब तक SSP का ट्रांसफर नहीं हो जाता, वे अन्न का एक दाना भी नहीं खाएंगे।
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