Panchkula में छात्र की क्रूरता का शिकार हुई मासूम को 40 घंटे बाद आया होश
स्कूल की दो अध्यापिकाओं सहित प्रिंसिपल पर गिरी गाज
पंचकूला चंडीगढ, 1 नवंबर (विश्ववार्ता) Child regains consciousness after 40 hours; पंचकूला सेक्टर-20 के गवर्नमेंट संस्कृति मॉडल स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र की क्रूरता का शिकार हुई केजी में पढ़ने वाली छह साल की बच्ची को 40 घंटे बाद होश आ गया। बच्ची का इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है।
वहीं, शनिवार देर रात इस मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल के केजी और तीसरी कक्षा की दो अध्यापिकाओं को निलंबित कर दिया। इनमें केजी की इंचार्ज सिमरनजीत और तीसरी कक्षा की इंचार्ज पूजा शामिल हैं। मामले की प्राथमिक जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद सेक्टर-20 थाना पुलिस ने स्कूल प्रिंसिपल के अलावा दोनों क्लास टीचर्स पर एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रिंसिपल पर विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस जांच में पता चला कि हमलावर बच्चा फोन का आदी है। वह फोन व टीवी पर कौने से गेम व वीडियो देखता था, यह जांच जारी है। पंचकूला की डीसीपी अदिति सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है।
डीसीपी ने बताया कि हमलावर बच्चे की सोमवार को पीजीआई में फिर मेंटल मैपिंग होगी। डाक्टरों ने बताया कि बच्ची बार-बार बेहोश हो रही है, हालांकि स्थिति में सुधार है। वहीं, शनिवार दोपहर 2.30 बजे के स्कूल के बाहर बच्चों के अभिभावकों ने नारेबाजी की।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 के तहत, 7 वर्ष से अधिक पर 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के मामले में देखा जाता है कि घटना के समय कृत्य की प्रकृति और उसके परिणामों को समझने की पर्याप्त समझ थी या नहीं। मामले की जांच जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड करता है। अधिनियम की धारा 18 के अनुसार परिस्थितियों के आधार पर उसे अधिकतम 3 वर्ष तक विशेष गृह में रखने का आदेश दिया जा सकता है। -कुलदीप सिंह कुंड्डू, एडवोकेट, पंचकूला जिला अदालत
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