महिलाओं के मोबाइल फोन पर ‘थंपिंग’ हुई ऑनरेरी, Chief Minister Bhagwant Singh Mann ने सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में किए पैसे ट्रांसफर
पंजाब भर में 37.43 लाख से ज़्यादा माताओं और बहनों को 1,291 करोड़ रुपये का ऑनरेरी ट्रांसफर किया गया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
स्कीम के तहत एक करोड़ महिलाओं को कवर करने का टारगेट, 80 लाख रजिस्ट्रेशन पूरे हुए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
बिना किसी शर्त के हर महिला के लिए फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस पक्का करने वाली देश की पहली स्कीम: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
1 जनवरी को सभी रजिस्टर्ड महिलाओं के बैंक अकाउंट में नए साल के तोहफे के तौर पर पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हम स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, नहरों और 10 लाख रुपये के हेल्थ कार्ड के ज़रिए जनता का पैसा जनता को लौटा रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अबोहर चुनाव क्षेत्र में ‘माँ-बेटियों का सम्मान’ कैंपेन शुरू किया ‘माँ-बेटी सम्मान स्कीम’ इवेंट को किया संबोधित
अबोहर, 1 नवंबर (विश्व वार्ता);- माँ-बेटी सम्मान स्कीम के तहत पंजाब की महिलाओं के मोबाइल फ़ोन एक बार फिर ‘तू-तू’ के मैसेज से गूंज उठे, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 37.43 लाख से ज़्यादा लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में सीधे 1,291 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की। अबोहर में एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री माँ-बेटी सम्मान स्कीम’ का मकसद राज्य की एक करोड़ महिलाओं को इसके दायरे में लाना है, जिनमें से लगभग 80 लाख रजिस्ट्रेशन पहले ही पूरे हो चुके हैं। इस पहल को महिलाओं की फाइनेंशियल आज़ादी और आत्म-सम्मान को मज़बूत करने वाली ‘सोशल क्रांति’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नए साल के तोहफ़े के तौर पर, 1 जनवरी को सभी रजिस्टर्ड लाभार्थी महिलाओं को माफ़ी की रकम एक साथ दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि हमारी सरकार स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, नहरों और 10 लाख रुपये के हेल्थ इंश्योरेंस के ज़रिए लोगों का पैसा लोगों को लौटा रही है।
इस मौके की खास बातें बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज अबोहर में एक बड़ी सभा के दौरान ‘मुख्यमंत्री मावन-ध्यान सत्कार योजना’ के तहत पूरे पंजाब में 37.43 लाख से ज़्यादा माताओं और बहनों के बैंक अकाउंट में 1,291 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। यह स्कीम एक ‘सोशल रेवोल्यूशन’ है, जो हमारी बेटियों और बहनों को आर्थिक रूप से मज़बूत करेगी और उनका आत्म-सम्मान बढ़ाएगी। हमारा लक्ष्य पंजाब की एक करोड़ महिलाओं को इस स्कीम के दायरे में लाना है। उन्होंने कहा कि हम पंजाब की महिलाओं को फाइनेंशियल आज़ादी देने के अपने वादे को पूरा करने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।”
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘मावन-ध्यान सत्कार योजना’ सिर्फ़ एक फाइनेंशियल मदद स्कीम नहीं है, बल्कि माताओं और बेटियों के आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को मज़बूत करने के मकसद से एक सोशल रेवोल्यूशन है। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के हाथों में सीधे पैसा देकर फाइनेंशियल आज़ादी पक्का करेगा, जिससे वे खुद से फैसले ले सकेंगी और इज्ज़त और सम्मान की ज़िंदगी जी सकेंगी।”
विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल (बादल) और कांग्रेस में उनके राजनीतिक विरोधियों के परिवारों की महिलाएं भी इस स्कीम का फायदा उठा रही हैं, लेकिन फिर भी उनके नेता अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए इसकी आलोचना करने से नहीं चूक रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि आम आदमी पार्टी सरकार बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के हर हकदार महिला की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि लोगों की भलाई पार्टी पॉलिटिक्स से बहुत ऊपर है।
उन्होंने कहा, “इस स्कीम के तहत बांटा जा रहा पैसा आम लोगों का है, जो अपने टैक्स के जरिए सरकारी खजाने में योगदान देते हैं। राज्य सरकार सिर्फ भलाई की स्कीमों और विकास के कामों के जरिए लोगों का पैसा लोगों को लौटा रही है। उन्होंने कहा कि जब आम लोग टैक्स देते हैं, तो उन्हें बदले में अच्छी सुविधाएं, सोशल सिक्योरिटी और बेहतर जीवन स्तर पाने का पूरा अधिकार है।”
उन्होंने कहा, “सरकार इस स्कीम के तहत 76.35 लाख महिलाओं को पहले ही 2,643.71 करोड़ रुपये की रकम बांट चुकी है और आज रकम ट्रांसफर होने के साथ ही अब तक बांटी गई कुल फाइनेंशियल मदद 3,934.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “29 अक्टूबर 2026 तक, 80.05 लाख महिलाएं इस स्कीम के तहत पहले ही रजिस्टर हो चुकी हैं और सरकार एक करोड़ महिलाओं को कवर करने के अपने बड़े लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। इस स्कीम में परिवार पर कोई रोक या शर्त नहीं है और हर योग्य महिला खुद से फाइनेंशियल मदद पाने की हकदार है। अगर एक ही परिवार में तीन योग्य महिलाएं हैं, तो सिर्फ़ तीन को ही यह फायदा मिलेगा। यह स्कीम हर साल 12,000 करोड़ रुपये की फाइनेंशियल मदद देगी, जिससे यह देश में महिलाओं के फाइनेंशियल एम्पावरमेंट के लिए सबसे बड़ी कोशिशों में से एक बन जाएगी।”
रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में मदद करने वाली महिलाओं के योगदान की तारीफ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुल 1,37,723 ‘सत्कार सखियां’ स्कीम के तहत रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए काम कर रही हैं। इन सत्कार सखियों को उनके योगदान के लिए 51.30 करोड़ रुपये का मानदेय दिया जाएगा, जबकि रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में शामिल आंगनवाड़ी वर्कर्स को भी 25 करोड़ रुपये का फ़ायदा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार यह पक्का कर रही है कि ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले वॉलंटियर्स को उनके कामों के लिए सही सम्मान मिले।”
और जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “अगली किस्त 1 दिसंबर को महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान लाएगी और इसके बाद 1 जनवरी को एक और किस्त जारी की जाएगी, जिसके तहत तीन महीने की मदद योग्य लाभार्थियों के अकाउंट में जमा कर दी जाएगी। मुझे पूरा भरोसा है कि तब तक लाभार्थियों के पास पैसे होंगे।
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