Chief Minister Bhagwant Singh Maan की लीडरशिप में Punjab Cabinet ने ड्रग तस्करी के मामलों की सुनवाई में तेज़ी लाने के लिए स्पेशल NDPS कोर्ट को दी मंज़ूरी
भगवंत मान सरकार ने ड्रग तस्करी के मामलों को तेज़ी से निपटाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया; 35 स्पेशल NDPS कोर्ट बनाए जाएंगे
35 एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशन जजों समेत 385 पोस्ट मंज़ूर
पंजाब में 52,577 NDPS केस हैं पेंडिंग; डेडिकेटेड कोर्ट पेंडिंग केस को निपटाने में मदद करेंगे और केस को निपटाने में लगने वाले 8 साल के समय को कम करेंगे
चंडीगढ, 31 अक्टूबर (विश्ववार्ता) – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप में आज हुई पंजाब कैबिनेट मीटिंग के दौरान, राज्य भर में 35 स्पेशल NDPS कोर्ट बनाए गए। (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) कोर्ट को हरी झंडी दे दी गई है। इस कदम का मुख्य मकसद ड्रग से जुड़े मामलों को तेज़ी से निपटाना, कोर्ट में पेंडिंग केस की संख्या कम करना और ड्रग के खतरे के खिलाफ़ मुहिम को और मज़बूत करना है।
यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में लिया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ऑफिस के एक प्रवक्ता ने कहा, “पंजाब ड्रग ट्रैफिकिंग और इसके इस्तेमाल की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। राज्य में हर साल लगभग 20,000 NDPS केस रजिस्टर होते हैं और लगभग 27,000 गिरफ्तारियां होती हैं। इनमें से लगभग 12,000 केस सेशन कोर्ट में सुने जाते हैं, जबकि हर साल लगभग 5,700 केस ही निपटाए जाते हैं। इस वजह से 31 अगस्त, 2026 तक पेंडिंग केस की संख्या बढ़कर 52,577 हो गई है। नतीजतन, ऐसे केस निपटाने में औसतन आठ साल लगते हैं।” गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने अगले पांच से सात सालों में पुराने पेंडिंग केस निपटाने के लिए और स्पेशल NDPS कोर्ट की जरूरत का अंदाजा लगाया था। इसे देखते हुए कैबिनेट ने पहले फेज में ऐसे 35 स्पेशल कोर्ट बनाने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, 385 नई पोस्ट भी मंज़ूर की गई हैं, जिनमें 35 एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज, 315 असिस्टेंट स्टाफ मेंबर और 35 असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी शामिल हैं। इसके अलावा, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च समेत लगभग 75 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को भी मंज़ूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि जब तक नए स्पेशल NDPS कोर्ट पूरी तरह से काम नहीं कर लेते, तब तक मौजूदा डेज़िग्नेटेड कोर्ट काम करते रहेंगे।
ये डेज़िग्नेटेड कोर्ट NDPS केसों को तेज़ी से निपटाने में मदद करेंगे, केसों में देरी और पेंडेंसी को कम करेंगे और सरकारी गवाहों के समय का बेहतर मैनेजमेंट पक्का करेंगे।
इस पहल से ड्रग्स से जुड़े अपराधों के खिलाफ़ ज्यूडिशियल सिस्टम मज़बूत होगा और राज्य से ड्रग्स की तस्करी की चेन तोड़ने की पंजाब सरकार की कोशिशों को और बढ़ावा मिलेगा।
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