मानहानि केस में YouTuber Dhruv Rathee के खिलाफ नया वारंट जारी
नई दिल्ली, चंडीगढ, 31 अक्टूबर (विश्ववार्ता) दिल्ली की एक कोर्ट ने शनिवार को YouTuber Dhruv Rathee के खिलाफ नया ‘बेलेबल वारंट’ जारी किया। यह मामला विकास पांडे के फाइल किए गए आठ साल पुराने क्रिमिनल मानहानि केस से जुड़ा है।
साकेत कोर्ट ने यह ऑर्डर जारी करते हुए कहा कि नया वारंट गुरुग्राम में राठी के एड्रेस पर भेजा जाएगा।
इससे पहले, कोर्ट ने 17 अक्टूबर को भी राठी के खिलाफ बेलेबल वारंट जारी किया था। यह कदम तब उठाया गया जब कोर्ट को बताया गया कि राठी को भेजे गए पिछले समन (नोटिस लेटर) उनके घर पर ताला लगा होने के कारण नहीं पहुंच पाए।
हालांकि, 17 अक्टूबर का वारंट भी राठी तक नहीं पहुंच पाया क्योंकि कोर्ट ने पाया कि इसे ऑस्ट्रिया में गलत एड्रेस पर भेज दिया गया था।
शनिवार को साकेत कोर्ट को बताया गया कि राठी पहले ही भारत छोड़ चुके हैं।
केस की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।
राठी के खिलाफ कार्रवाई लंबे समय से पेंडिंग थी क्योंकि 2019 से उन्हें समन भेजने में बार-बार दिक्कतें आ रही थीं। शिकायत करने वाले का कहना है कि राठी के लगातार भारत से बाहर रहने की वजह से केस में देरी हुई है।
राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा क्योंकि अरविंद केजरीवाल ने रीट्वीट की वजह से शुरू हुई क्रिमिनल डिफेमेशन की कार्रवाई को चुनौती दी थी।
फरवरी 2024 में, केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वीडियो शेयर (रीट्वीट) करना उनकी गलती थी। जस्टिस संजीव खन्ना, जो बाद में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बने और अब रिटायर हो चुके हैं, और दीपांकर दत्ता की बेंच ने केजरीवाल के खिलाफ जारी समन को रद्द करने से दिल्ली हाई कोर्ट के इनकार को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले समन ऑर्डर को बरकरार रखते हुए कहा था कि कथित तौर पर बदनाम करने वाले कंटेंट को रीट्वीट करने पर इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 499 के तहत केस चलाया जा सकता है।
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