Diabetes Control : क्या ग्रीन टी सच में ब्लड शुगर कंट्रोल करती है ?
अध्ययनों में क्या चला पता ?
चंडीगढ 14 अक्तूबर, 2026 (विश्ववार्ता) बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल समय के साथ हार्ट, किडनी और लिवर सहित कई दूसरे अंगों को क्षति पहुंचा सकता है। यही कारण है स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी मरीजों को खानपान और रोजमर्रा की आदतों पर खास ध्यान देना पड़ता है। डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए कई लोग ग्रीन टी पीते हैं। ग्रीन टी में कैटेचिन नाम के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इसे सूजन और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी प्रक्रियाओं में फायदेमंद पाया गया है।
ग्रीन-टी कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से बनती है। कम प्रोसेसिंग के कारण इसमें प्राकृतिक पॉलीफेनॉल मौजूद रहते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि ग्रीन-टी में कई ऐसे तत्व होते हैं जिससे शरीर को कई तरह से लाभ हो सकते हैं।
इसमें मौजूद कैटेचिन एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने में भूमिका निभाता है।
कुछ शोध में ग्रीन टी के घटकों का इंसुलिन संवेदनशीलता पर लाभ देखा गया है।
green tea help control blood sugar level and insulin
कुछ अध्ययनों के अनुसार, जो लोग प्रतिदिन दो से तीन कप ग्रीन टी पीते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने का जोखिम 19% तक कम हो सकता है। इस पेय पदार्थ के नियमित सेवन से उपवास के दौरान रक्त शर्करा का स्तर कम होता है जिससे डायबिटीज के कारण होने वाली अन्य समस्याओं जैसे आंखों की दिक्कत, हार्ट की समस्या और तंत्रिकाओं की दिक्कतों से बचा जा सकता है।
डायबिटीज कंट्रोल करने में वजन को नियंत्रित रखने की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्रीन-टी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वेट लॉस करने में भी आपके लिए सहायक है।
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