Punjab Vigilance Bureau ने सब-डिविजनल इंजीनियर को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार
चंडीगढ 06 अक्तूबर, 2026 (विश्ववार्ता) राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के दौरान,Punjab Vigilance Bureau ने वाटर सप्लाई एंड सैनिटेशन डिपार्टमेंट, कपूरथला में तैनात सब-डिविजनल इंजीनियर (SDE) अगमजोत सिंह को 1,25,000 रुपये की रिश्वत मांगते और पहली किस्त के तौर पर 30,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी अधिकारी को वाटर सप्लाई एंड सैनिटेशन डिपार्टमेंट, सब-डिविजन नंबर 2, कपूरथला में तैनात एक सब-डिविजनल क्लर्क की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता का ट्रांसफर आरोपी SDE के पास कर दिया गया है। अगमजोत सिंह का तबादला 5 अक्टूबर 2026 को गांव चक्कोकी, जिला कपूरथला की जल सप्लाई स्कीम में हो गया था। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता का घर पोस्टिंग की जगह से काफी दूर था, इसलिए उसने आरोपी अगमजोत सिंह से अपना तबादला रद्द करने या रोकने के लिए मौखिक अनुरोध किया था।
इसके बाद शिकायतकर्ता के साथी कर्मचारी और फिटर हेल्पर अमरिंदर सिंह ने उन्हें बताया कि अगमजोत सिंह ने तबादला रोकने के लिए रिश्वत की मांग की है। बाद में अमरिंदर सिंह ने अगमजोत सिंह से फोन पर संपर्क किया, जिसने 1,25,000 रुपये की मांग की, जो किश्तों में दी जानी थी। प्रवक्ता ने कहा कि अवैध राशि की मांग के संबंध में बातचीत को अमरिंदर सिंह ने अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड कर लिया था।
Punjab Vigilance Bureau arrested sub-divisional engineer for accepting bribe
रिश्वत देने से इनकार करने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर से संपर्क किया। उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने आरोपी सब-डिविजनल इंजीनियर अगमजोत सिंह को 1,000 रुपये की रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायत करने वाले से दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में 30,000 रुपये और रिश्वत की रकम (Rs. 30,000) बरामद कर ली गई है।
इस संबंध में, विजिलेंस ब्यूरो के जालंधर रेंज पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच चल रही है।
और खबरें पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://wishavwarta.in/























