
Raja Raghuvanshi Murder: सोनम रघुवंशी की बेल बरकरार
सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाने से इनकार
नई दिल्ली, 3 जुलाई (विश्व वार्ता) – सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को मर्डर केस में हाई कोर्ट से मिली बेल बरकरार रखी है और उस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने मेघालय पुलिस की पिटीशन पर नोटिस जारी किया है। केस की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
स्टे पर सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुदेश ने कहा कि उन्हें हाई कोर्ट के ऑर्डर पर पहली नज़र में ऑब्जेक्शन है। हालांकि, जब सोनम के वकील ने बताया कि वह पहले ही रिहा हो चुकी हैं और शालोंग में हैं, तो कोर्ट ने बेल कैंसिल करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह बेल कैंसिल करने को तैयार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि पहले से लागू ऑर्डर पर रोक नहीं लगाई जा सकती। केस की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। कोर्ट ने कहा कि केस के फैक्ट्स और हालात हाई कोर्ट के ऑर्डर पर गंभीर सवाल उठाते हैं, जिन पर आगे विचार करने की ज़रूरत है। Raja Raghuvanshi Murder
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सोनम पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं। उनकी बेल एप्लीकेशन पहले भी खारिज हो चुकी हैं, और यह मामला सिर्फ उनकी गिरफ्तारी के दौरान हुई टेक्निकल या क्लर्क की गलती नहीं है। मेघालय सरकार ने दलील दी कि अगर सोनम बेल पर रहती हैं, तो उनके फरार होने का खतरा है।
सोनम रघुवंशी की तरफ से वकील ने कहा कि उन्हें न तो वकील दिया गया और न ही उनकी गिरफ्तारी के आधार के बारे में साफ तौर पर बताया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने सिर्फ एक खाली प्रोफॉर्मा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि अगर यह इतना जरूरी था तो यह मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि क्या कानून पुलिस को सिर्फ टेक्निकल आधार पर बेल मिलने पर उन्हें दोबारा गिरफ्तार करने से रोकता है।
गौरतलब है कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट बिजनेसमैन राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी को मिली बेल को बरकरार रखने के मेघालय हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सोनम पर आरोप है कि वह मई 2025 में अपने हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी है। 29 जून को मेघालय हाई कोर्ट ने राजा रघुवंशी मर्डर केस के मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को ज़मानत देने के शिलांग कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी।
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